शेरपुर में पानी टंकी बनी सफेद हाथी, ग्रामीण अब भी प्यासे
करोड़ों की लागत से बनी टंकी से अब तक एक बूंद पानी नहीं पहुँचा,

शेरपुर में पानी टंकी बनी सफेद हाथी, ग्रामीण अब भी प्यासे
करोड़ों की लागत से बनी टंकी से अब तक एक बूंद पानी नहीं पहुँचा,
विभागीय लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश
पूरनपुर,पीलीभीत।शुद्ध पेयजल की सुविधा के नाम पर शेरपुर पंचायत में बारह साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी आज भी “सफेद हाथी” बनकर खड़ी है। विधायक और सांसद के अथक प्रयास से बनी यह टंकी ग्रामीणों की प्यास बुझाने के बजाय उपेक्षा और भ्रष्टाचार की मिसाल बन गई है।गर्मी के मौसम में जब पानी की किल्लत चरम पर है, तब ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि अब तक टंकी से एक बूंद भी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो सकी है।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत दी, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।हमारी बस्ती में टंकी तो खड़ी है, लेकिन उसमें पानी नहीं आता। हर साल गर्मी में हमें हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता।स्थानीय लोगों ने बताया कि टंकी के निर्माण के समय बड़ी-बड़ी घोषणाएँ की गई थीं, परंतु आज यह परियोजना केवल दिखावे की चीज़ बनकर रह गई है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं। न तो पाइपलाइन की मरम्मत कराई जा रही है और न ही मोटर चालू की गई है।अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि चाहें तो एक हफ्ते में पानी की सप्लाई शुरू हो सकती है, लेकिन किसी को ग्रामीणों की चिंता नहीं,एक अन्य ग्रामीण ने कहा।ग्रामीणों ने मांग की है कि इस योजना की जाँच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जल्द से जल्द टंकी को चालू कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।




