राय सिख समाज को एससी दर्जा दिये जाने की मांग तेज
आल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

राय सिख समाज को एससी दर्जा दिये जाने की मांग तेज
आल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
हजारा,पीलीभीत।उत्तर प्रदेश में राय सिख समाज को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा दिये जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। पंजाब और हरियाणा में पहले से ही राय सिख समाज को एससी की सूची में शामिल किया गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में यह समाज अभी भी ओबीसी वर्ग में गिना जाता है। इसी को लेकर आल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए राय सिख समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की है।काउंसिल ने ज्ञापन में कहा है कि यह समाज सदियों से सामाजिक उपेक्षा, निर्धनता, अशिक्षा और बेरोजगारी का शिकार रहा है। इसलिए अब समय की मांग है कि इन्हें सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकार प्रदान किए जाएं।इसी मुद्दे पर शुक्रवार को पूरनपुर तहसील के अंतर्गत ट्रांस शारदा क्षेत्र के इंडो-नेपाल सीमावर्ती गांव बैल्हा के बहुउद्देशीय पंचायत भवन में राय सिख समाज की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई। बैठक का नेतृत्व वेलफेयर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने किया। इसमें बड़ी संख्या में राय सिख समाज के लोग शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह जग्गी ने कहा कि 1881 से 1931 तक की जनगणनाओं और विभिन्न आयोगों ने राय सिख समाज को अत्यंत पिछड़ा वर्ग और “डिप्रेस्ड क्लास” की श्रेणी में रखा था। बावजूद इसके, उत्तर प्रदेश में यह समाज अभी भी अनुसूचित जाति में शामिल नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राय सिख समाज की आबादी लगभग 2 लाख है, जिसमें से 22 हजार लोग अकेले पीलीभीत जिले में रहते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में गरीबी, अशिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग ईसाई मिशनरियों के प्रलोभन का शिकार हो गए थे। हालांकि सरकार और समाज की सक्रियता से उनमें से अधिकांश ने घर वापसी की, लेकिन शिक्षा और रोजगार का संकट आज भी जस का तस है।इस अवसर पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष हरपाल सिंह राणा, प्रदेश सचिव हरप्रीत सिंह हैप्पी, प्रदेश महासचिव जगतार सिंह, विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री राजेश कुमार, जिला अध्यक्ष परमजीत सिंह उर्फ पीजी, सरदार जरनैल सिंह, छिंदर पाल सिंह और डॉ. सतनाम सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।




