पूरनपुर कृषि मंडी में किसानों का धरना सरकारी धान क्रय केंद्र पर तोल बंद होने से भड़के किसान
कहा यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो फिर होगा बड़ा आंदोलन

पूरनपुर कृषि मंडी में किसानों का धरना सरकारी धान क्रय केंद्र पर तोल बंद होने से भड़के किसान
कहा यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो फिर होगा बड़ा आंदोलन
पूरनपुर,पीलीभीत।कृषि मंडी पूरनपुर स्थित सरकारी धान क्रय केंद्र पर आज उस समय माहौल गर्म हो गया जब किसानों की धान की फसल की तोल न होने पर नाराज़ किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि सरकारी समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत आने के बावजूद उनके धान की तोल सुचारू रूप से नहीं की जा रही, जिससे वे परेशान हैं और फसल मंडी परिसर में पड़ी-पड़ी खराब हो रही है।राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (बी.एम. सिंह गुट) एवं भारतीय किसान यूनियन (चटोनी गुट) ने मिलकर इस मुद्दे पर एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन पर किसानों के साथ शोषण और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए धान क्रय प्रक्रिया को तत्काल सुचारू रूप से शुरू करने की मांग की।धरने में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिनमें हाजी रियाजत, नूर खान, गुरप्रीत सिंह, रणजीत सिंह, नदीम हसन, शमशीद खान, गुड्डू खान, अनीस अहमद, गुरनाम सिंह और गुरदासपुरी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उपस्थित किसानों ने कहा कि “हमारी फसल पकी तैयार है, लेकिन क्रय केंद्रों पर तोल नहीं होने से हम आर्थिक संकट में फंस गए हैं।किसान संगठनों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो वे “25 वर्ष पूर्व वाले ऐतिहासिक किसान आंदोलन” को दोहराने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन से उत्पन्न हालात की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।धरने के दौरान किसान नेताओं ने शासन से यह भी मांग की कि धान क्रय केंद्रों पर पर्याप्त बोरे और तौल कर्मी तैनात किए जाएं,किसानों की फसल का तुरंत भुगतान सुनिश्चित किया जाए,और क्रय केंद्रों की अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।किसानों के इस धरने की सूचना पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और वार्ता के प्रयास किए। समाचार लिखे जाने तक किसानों का धरना जारी था।




