पूरनपुर बिलसंडा व कलीनगर में कई राइस मिलरो की मनमानी सस्ते दामों में खरीद : जिम्मेदार बने तमाशबीन
धान नहीं किसानों का खुलेआम लूटता हक : किसान नेता संचित दीक्षित

पूरनपुर बिलसंडा व कलीनगर में कई राइस मिलरो की मनमानी सस्ते दामों में खरीद : जिम्मेदार बने तमाशबीन
धान नहीं किसानों का खुलेआम लूटता हक : किसान नेता संचित दीक्षित
पूरनपुर/पीलीभीत। जिले में धान खरीद को लेकर किसानों का गुस्सा चरम पर है। पूरनपुर बिलसंडा और कलीनगर क्षेत्र में कई राइस मिलर खुलेआम सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए किसानों से सीधे सस्ते दामों में धान की खरीद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह खरीद नहीं बल्कि जेब पर डाका है। जिले भर में राइस मिलर मंडियों को दरकिनार कर सीधे किसानों से औने-पौने दामों पर धान खरीद रहे हैं। वरिष्ठ किसान नेता संचित दीक्षित का कहना है कि धान का सरकारी मूल्य सिर्फ कागजों में रह गया है। जबकि हकीकत में किसानों को समर्थन मूल्य से ₹200-₹300 प्रति कुंतल कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि जिलाधिकारी के सख्त आदेशों के बावजूद निचले स्तर के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी जानबूझकर अनजान बने हुए हैं। खेत से धान सीधे मिल तक पहुंच रहा है। लेकिन कोई रोक-टोक नहीं। मिलर जहां चाहें जो रेट तय करें वहीं पर धान खरीदा जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के वरिष्ठ किसान नेता संचित दीक्षित ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा और कहा कि अगर किसानों के साथ इस तरह की लूट बंद नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन भानु जिले स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। किसानों का हक कोई छीन नहीं सकता। प्रशासन अगर चुप रहा तो आंदोलन सड़कों पर होगा।किसानों का कहना है कि वे अपनी मेहनत का वाजिब दाम चाहते हैं भीख नहीं। लेकिन मिलर और व्यापारी मिलकर पूरी व्यवस्था को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बिलसंडा पूरनपुर व कलीनगर तक कई मिलों में रात-दिन धान की सीधी खरीद हो रही है। जिससे सरकारी खरीद केंद्रों की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब किसानों की निगाहें जिलाधिकारी पर टिकी हैं। क्या वाकई इस धान लूट नेटवर्क पर नकेल कसी जाएगी या फिर किसानों की पुकार एक बार फिर कागजों में ही गुम हो जाएगी। जनता कह रही है धान हमारा दाम हमारा अब नहीं चलेगा मिलवालों का कारोबार




