पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ मित्रों का प्रशिक्षण संपन्न

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ मित्रों का प्रशिक्षण संपन्न
पीलीभीत।विश्व वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत आज पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थित सप्त सरोवर पर बाघ मित्र इको विकास समितियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर रिजर्व की पांचों रेंजों से जुड़े 130 से अधिक बाघ मित्रों ने प्रतिभाग किया।बाघ मित्र कार्यक्रम वर्ष 2019 में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में प्रारंभ किया गया था। वर्तमान में 130 बाघ मित्र निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी के रूप में सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम को संगठित रूप देने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया ने सभी पांचों रेंजों में बाघ मित्र इको विकास समितियों का गठन कर उन्हें सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत कराया है।प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया) ने समिति गठन का उद्देश्य, प्रबंधन पद्धति, कर्तव्य और अधिकारों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।मुख्य अतिथि उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान ने बाघ मित्रों की सराहना करते हुए कहा आप सामाजिक तानों को दरकिनार कर निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं। आपकी सेवा वन्यजीव संरक्षण में अतुलनीय है।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी देवल कदम, राहुल कुमार, समिति अध्यक्ष अतुल सिंह बराही, विपिन कुमार दियोरिया, बनबारी लाल लालपुर, शत्रुघ्न महोफ, चितरंजन हरीपुर, श्याम बिहारी माला, सचिव वन दरोगा रामभरत यादव, तथा राम बहादुर, रघुबीर सिंह, सुरेंद्र गौतम, पुष्पेन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में बाघ मित्र उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ मित्रों के कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने तथा वन्यजीव संरक्षण को मजबूत आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




