नजीरगंज में बाघ का हमला ग्रामीणों में दहशत,भैंस का बच्चा बना निवाला
वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल, लोगों ने मांगी गश्त और फेंसिंग की व्यवस्था

नजीरगंज में बाघ का हमला ग्रामीणों में दहशत,भैंस का बच्चा बना निवाला
वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल, लोगों ने मांगी गश्त और फेंसिंग की व्यवस्था
पूरनपुर, पीलीभीत।तहसील पूरनपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत दुर्जनपुर कला, नजीरगंज में बीती रात एक बार फिर बाघ का आतंक देखने को मिला। गांव निवासी अवधेश पुत्र नेतराम के घर के अंदर बंधे भैंस के बच्चे पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ भैंस के बच्चे को घसीट कर ले गया और उसे आधे से अधिक खा गया।पीड़ित परिवार के स्वामी ने बताया कि देर रात अचानक मवेशियों के बाड़े में हलचल सुनाई दी। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक बाघ ने घर के अंदर बंधे भैंस के बच्चे को दबोच लिया था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया।गौरतलब है कि इससे पहले भी नजीरगंज में एक किसान पर शेर ने हमला कर उसकी जान ले ली थी। उस समय टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा गांव से सटे इलाकों में सुरक्षा के लिए तार फिक्सिंग की व्यवस्था की गई थी। मामला इतना गंभीर हुआ था कि 129 विधानसभा के विधायक बाबूराम पासवान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गांवों में सुरक्षा की मांग की थी।लेकिन समय बीतने के साथ वह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब एक बार फिर शेर की दहशत गांव में लौट आई है। ग्रामीणों में भय का माहौल है कोई भी शाम के बाद घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सहमे हुए हैं और वन विभाग से सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं।




