नहर से निकलकर गांव में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

नहर से निकलकर गांव में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
पूरनपुर,पीलीभीत।घुंघचाई क्षेत्र की हरदोई ब्रांच नहर से निकलकर एक मगरमच्छ आबादी वाले गांव मटेहना कालोनी नंबर-7 में घुस आया। अचानक मगरमच्छ को देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।जानकारी के मुताबिक,बुधवार को सुबह ग्रामीणों ने नहर के किनारे एक बड़े मगरमच्छ को देखा जो धीरे-धीरे रेंगता हुआ आबादी की तरफ बढ़ रहा था। पहले तो लोगों को लगा कि कोई बड़ा सांप है, लेकिन पास जाकर देखने पर उन्हें एहसास हुआ कि यह तो करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ है।जैसे ही मगरमच्छ के गांव में घुसने की खबर फैली, गांव में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने ऊँचे स्थानों पर चढ़कर जानवर को देखने की कोशिश की। कुछ ग्रामीणों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई।ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ कुछ समय तक गांव की गलियों में घूमता रहा और एक घर के बाहर रखे पानी के टब के पास जा बैठा। इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू उपकरणों की मदद से मगरमच्छ को काबू करने की कोशिश शुरू की। मगरमच्छ बार-बार फुफकारता और भागने की कोशिश करता रहा। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ हरदोई ब्रांच नहर से भटककर गांव की तरफ आ गया था, संभवतः जलस्तर कम होने या भोजन की तलाश में वह दिशा भटक गया।रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ की सेहत की जांच की और उसे सकुशल वापस नहर में छोड़ दिया गया। विभाग ने यह भी कहा कि मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ है और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।वन विभाग अधिकारी ने कहा ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टल गई। हमने मगरमच्छ को सुरक्षित वापस उसके आवास क्षेत्र में पहुंचा दिया है। लोगों से अपील है कि ऐसे वन्यजीव दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें और स्वयं उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें।इस घटना के बाद विभाग ने नहर किनारे बसे गांवों में गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि नहरों और तालाबों में मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना की और कहा कि समय रहते कार्रवाई न की जाती तो कोई हादसा हो सकता था।




