के.जी.एन.-2 कॉलोनी में आयोजित सपा श्रद्धांजलि कार्यक्रम में धनपति वर्मा एडवोकेट ने रखे डॉ. लोहिया के समाजवादी विचार

के.जी.एन.-2 कॉलोनी में आयोजित सपा श्रद्धांजलि कार्यक्रम में धनपति वर्मा एडवोकेट ने रखे डॉ. लोहिया के समाजवादी विचार
पीलीभीत में समाजवादियों ने लोहिया जी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, लिया समाजवाद को आगे बढ़ाने का संकल्प
पीलीभीत।राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार रविवार को नकटादाना स्थित के.जी.एन 2 कॉलोनी लोकसभा चुनाव कार्यालय पीलीभीत पर महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी चिंतक एवं विचारक डॉ राममनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि मनाई गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा डॉ राम मनोहर लोहिया जी भारतीय राजनीति के प्रमुख समाजवादी नेता चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी थे वे अपने प्रखर विचारों निर्भीक नेता और समाजवादी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध थे डॉक्टर लोहिया ने बनारस और कोलकाता से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में जर्मनी के हम वर्ल्ड विश्वविद्यालय से एचडी की उपाधि प्राप्त की, लोहिया जी महात्मा गांधी के सिद्धांतों से प्रभावित होकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए उन्होंने 1934 में कांग्रेस शासित पार्टी की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भाग लिया उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, उनका नारा था अंग्रेजों भारत छोड़ो और बाद में हरिजनों को अधिकार दो पिछड़ी पाएं 100 में 60, उन्होंने हिंदी भाषा और भारतीय भाषाओं के प्रचार प्रचार के पक्ष में भी आवाज उठाई।पूर्व प्रत्याशी बीसलपुर दिव्या पी गंगवार ने कहा डॉ राम मनोहर लोहिया जी का जन्म 23 मार्च 1910 को एक मारवाड़ी बनिया परिवार में हुआ था आधुनिक उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में 1912 में जब वह केवल दो बस के थे तो उनकी मां का निधन हो गया उसके बाद उनका पालन पोषण उनके पिता हीरालाल ने किया जिन्होंने कभी पुनर्विवाह नहीं किया, लोहिया का समाजवादी चिंतन देश प्रेम एवं जनकल्याण की भावनाओं से ओतप्रोत है, उनका दर्शन नितान्त मौलिक है, उन्होंने निर्भीकता एवं ईमानदारी से अपनी असहमति व्यक्त की, उन्हेंने समाजवाद पर अत्यंत गहराई से सोचा समझा है।सपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर , कोषाध्यक्ष गयासुद्दीन जी कहा लोहिया जी का विचार है कि विश्व के विभिन्न देशों में यदि आर्थिक विषमताएं हैं तो उनका अलग कारण है परंतु भारत में आर्थिक विषमताएं का मूल कारण है जाति व्यवस्था का होना आर्थिक विषमता का मूल कारण है जाति व्यवस्था का होना, जाति व्यवस्था में भारत में समाज को दो वर्गों में विभाजित किया है शोषक वर्ग एवं शोषित वर्ग…कार्यक्रम का संचालन 127 शहर विधानसभा पीलीभीत अध्यक्ष इम्तियाज अल्वी ने किया।इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा जी,सपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर, सपा जिला उपाध्यक्ष बालक राम सागर,सपा कोषाध्यक्ष गयासुद्दीन, अमित पाठक एडवोकेट,धनपति वर्मा एडवोकेट,सपा युवजन सभा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू,नरेश कुमार सागर,दिव्या पी गंगवार,प्रदीप पटेल,संजय सिंह यादव, इम्तियाज अल्वी, परमजीत सिंह,सुरेश कश्यप, आजाद अहमद अंसारी,महेश कुमार वर्मा,जमाल शाह,सतेन्द्र मौर्य,सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष हरगोविंद गंगवार, रूपलाल गंगवार,रवि शंकर गंगवार,अभी गंगवार,अमित कुर्मी,रामपाल पटेल,पंकज गंगवार,मथुरा प्रसाद,भूदेव गंगवार,बलकार सिंह,शराफत यार खां,सुरेश कुमार कश्यप, विक्रम सिंह गंगवार,ज्योति प्रकाश शुक्ला एडवोकेट,आशीष कुमार,महेश कश्यप,अशरफ अली पूर्व प्रधान,कोहिनूर आलम अंसारी आदि तमाम सम्मानित नेतागण पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।




