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बरखेड़ा में सचिव ने एक ही नाम पर बार-बार कराया भुगतान, पंचायतों में घोटाले की बू

नल-नाली से लेकर बल्ब तक… सचिव ने उड़ाए लाखों, जांच की मांग तेज

बरखेड़ा में सचिव ने एक ही नाम पर बार-बार कराया भुगतान, पंचायतों में घोटाले की बू

नल-नाली से लेकर बल्ब तक… सचिव ने उड़ाए लाखों, जांच की मांग तेज

सचिव ने अपने करीबियों के नाम ग्राम निधि का जमकर किया दुरुपयोग

पीलीभीत। बरखेड़ा ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में नल रिवोर, नाली, चौपाल, एलईडी बल्ब, स्लोगन लेखन और निर्माण कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि तैनात सचिव रमावीर प्रसाद ने अपने करीबी वीरपाल समेत कुछ अन्य लोगों और फर्मों के खातों में भारी-भरकम भुगतान कर दिया। सचिव के प्राइवेट कर्माचारी शिवम भी पंचायतों में जमकर मनमानी कर रहा है। आरोप है कि पंचायत सचिव ने अपने करीबी बीरपाल सहित अन्य कुछ व्यक्तियों और फर्मों के खातों में लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। जांच में इसकी पूरी पोल खुलेगी।
बरखेड़ा ब्लाक में तैनात सचिव रमावीर प्रसाद की आवंटित ग्राम पंचायत में भारी भ्रष्टाचार का आरोप है। सचिव के करीबी वीरपाल के नाम पर लाखों का फर्जी भुगतान अकाउंट में किया गया। अगर इनके अकाउंट की बैंक में सही से जांच की जाए तो ग्राम निधि का भारी भुगतान का दुरुपयोग पाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार सुहास गांव में 16 सितंबर को नल रिवोर के नाम पर 5150, 7 अगस्त को टेंट पर 8000, नल रिवोर पर 23350, नाली लेबर 3081, तालाब नाली खुदाई 5451, नाली 3792 फिर 7 अगस्त को 5100, गांव में एलईडी बल्ब के नाम पर 7200, दियोहना ग्राम पंचायत में 9 सितंबर को नाला निर्माण के नाम पर 7530 स्लोगन लिखाई पर 6000, 1 अगस्त को नल रिवोर के नाम 23295, 22 जुलाई को नाला खुदाई के नाम पर12 000, ग्राम पंचायत नौवा नगला में चौपाल के नाम पर 8000, इसके अलावा महादिया, सिधौरा बिंदुआ, रामनगर जगतपुर सहित अन्य सचिव आवंटित ग्राम पंचायत में भी जमकर भुगतान वीरपाल के नाम पर लाखों का भुगतान बीरपाल के खाते में किया गया। इसके अलावा धर्मपाल, बीरेद्र, छत्रपाल के नाम पर भी ग्राम निधि से भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। अंशिका इंटरप्राइजेज और हिंद सोलर इंटरप्राइजेज सहित अन्य फर्मों के नाम पर भी लाखों का भुगतान लगा है। सही से जांच हो तो हकीकत सामने आ जाएगी ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन भुगतानों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का पर्दाफाश हो सकता है। सवाल उठता है एक ही नाम पर अलग-अलग पंचायत में भुगतान किसकी सह पर किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि इन पंचायतों की भी जांच कराई गई तो और घोटाले सामने आएंगे। मामले में किसान नेताओं ने भी गंभीरता दिखाई है। उनका कहना है कि शीघ्र ही वे सीएम और उच्च अफसरों से पूरे प्रकरण की शिकायत करेंगे। कुछ साल पहले पूरनपुर ब्लाक में तैनाती के दौरान भी सचिव पर घोटाले के आरोप में निलंबन की कार्रवाई हुई थी।

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