सेहरामऊ इलाके में एक और बारिश से परेशान किसान, अब हाथियों की दस्तक ने बढ़ाई चिंता
जंगली हाथियों ने मचाया उत्पात, धान की फ़सल रौदीं

जंगली हाथियों ने मचाया उत्पात, धान की फ़सल रौदीं
पूरनपुर, पीलीभीत।
तराई में आफत बनकर बरस रही बारिश के साथ ही नेपाली हाथियों का भी कहर किसानों को झेलना पड़ रहा है। थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के पास नेपाली हाथियों ने किसानों की तैयार हो चुकी धान की फसल को रौंद दिया।कई खेतों में पहुंचकर नुकसान किया। सुबह किसानों को खेत पर पहुंचने पर हाथियों के आने की जानकारी हुई।सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांवों में सोमवार तड़के हाथियों ने एक बार फिर किसानों की नींद उड़ा दी। जगदीश गौटिया और सुल्तानपुर के किसान चुन्नीलाल व छोटे लाल के खेतों में हाथियों ने जमकर तबाही मचाते हुए धान की फ़सल को रौंद डाला।सुबह खेतों की रखवाली के लिए पहुंचे किसान हाथियों को फसल चरते देख सकते ही रह गए। किसानों की चीख-पुकार सुन ग्रामीण मौके पर दौड़े और शोर-शराबे के जरिए हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।स्थानीय किसानों का कहना है कि लगातार बारिश और अब हाथियों के हमले से उनकी चिंता बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों में हुई तेज बारिश ने फसलों को पहले ही नुकसान पहुँचाया था, और अब हाथियों की दस्तक ने उनके हालात और खराब कर दिए हैं। ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि उनका जीविका का साधन सुरक्षित रह सके।नेपाली हाथी हर वर्ष शारदा नदी पार कर पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही, हरीपुर रेंज होते हुए किशनपुर सेंचुरी पहुंचते हैं। वहां कई दिनों तक रुक कर किसानों की धान और गन्ना की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। हाथियों के रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यह फसल की रखवाली करने वाले लोगों पर हमलावर भी हो जाते हैं।




