यूपी
सड़क, पानी और बिजली की समस्या पर फूटा गुस्सा: ग्रामीणों ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन

सड़क, पानी और बिजली की समस्या पर फूटा गुस्सा: ग्रामीणों ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत।जिले के बीसलपुर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं ने आज एक नया मोड़ ले लिया।आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के काफिले को ग्राम पुरैना में रोक लिया।मूल रूप से काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन की योजना थी, लेकिन प्रशासन के हस्तक्षेप और मांगों पर तत्काल कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने मंत्री को क्षेत्र की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा।यह घटना ग्रामीणों की एकजुटता का प्रतीक बन गई, जहां सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर लंबे समय से उपेक्षा का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जल संकट गहरा रहा है और बिजली की अनियमित आपूर्ति ने किसानों और आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है।ज्ञापन में इन मुद्दों पर त्वरित समाधान की मांग की गई है, जिसमें सड़क निर्माण, जलापूर्ति योजना का विस्तार और बिजली ग्रिड के उन्नयन का उल्लेख प्रमुख है।प्रदर्शन का नेतृत्व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश सचिव नईम रज़ा भीम आर्मी प्रदेश कार्यकारणी सदस्य राजाराम माथुर एवं तहसील संयोजक हरीश गंगवार ने किया। रज़ा ने बताया,यह हमारी एकजुटता का प्रतीक है। ग्रामीणों की पीड़ा अब और नजरअंदाज नहीं की जाएगी। प्रशासन ने मांगें मानने का आश्वासन दिया है, लेकिन हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान न हो।कार्यक्रम में आज़ाद समाज पार्टी (काशीराम) प्रदेश सचिव नईम रज़ा,भीम आर्मी के प्रदेश कार्यकारी सदस्य एडवोकेट राजा राम माथुर, पूर्व प्रधान एवं जिला संयोजक सुभाष गंगवार, तहसील संयोजक हरीश गंगवार, विधानसभा संयोजक ज्ञानेंद्र गंगवार सहित मेवाराम गंगवार, सतीश कुमार, नत्थू लाल, श्यामलाल वर्मा,रामप्रसाद, खेमकरण लाल वर्मा, सुरेश सिंह, राम रतन लाल गंगवार, मदन लाल वर्मा, राजेंद्र गंगवार, नीरज सिंह गंगवार, रामगोपाल जैसे पदाधिकारी और सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे।केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, जो वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री हैं और पीलीभीत से सांसद ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास पर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।उनके एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय स्तर पर इन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह घटना बीसलपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सक्रियता को दर्शाती है, जहां दलित अधिकार और ग्रामीण विकास के मुद्दे तेजी से उभर रहे हैं।




