पहलगाम के ज़ख्म हरे, फिर भी पाकिस्तान से मैच? शिवसेना भड़की
शिवसैनिकों ने प्रधानमंत्री से की अपील पाकिस्तान मैच तुरंत रद्द हो

पहलगाम के ज़ख्म हरे, फिर भी पाकिस्तान से मैच? शिवसेना भड़की
शिवसैनिकों ने प्रधानमंत्री से की अपील पाकिस्तान मैच तुरंत रद्द हो
पूरनपुर,पीलीभीत।पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा हाल ही में पहलगाम में किए गए हमले में निर्दोषों की शहादत को लेकर जहां देशभर में ग़ुस्सा व्याप्त है, वहीं बीसीसीआई द्वारा भारत– पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को प्रस्तावित क्रिकेट मैच की घोषणा ने इस ग़ुस्से को और भड़का दिया है। रविवार को शिवसेना पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूरनपुर में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान का झंडा फूंका और मैच रद्द करने की मांग की।कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए शिवसेना जिला अध्यक्ष शैली शर्मा ने कहा कि पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकी हमलावरों ने हमारे माताओं-बहनों का सिंदूर उजाड़ दिया भाई-बहनों का खून बहाया।वह खून अभी सूखा नहीं ज़ख्म अभी भरे नहीं,फिर भी भारत पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने जा रहा है। यह खेल नहीं बल्कि शहीदों का अपमान है। खून और पानी साथ नहीं बह सकता तो क्रिकेट और खून कैसे बह सकते हैं।उन्होंने 2019 पुलवामा हमले और 2008 के मुंबई हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा भारत के खिलाफ आतंकी साज़िशों में लिप्त रहा है।देश ऑपरेशन सिंदूर को कैसे भूल सकता है?बीसीसीआई का यह निर्णय देशभक्ति का व्यापार करने जैसा है।शिवसेना प्रदेश प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह ने भी बीसीसीआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा अभी माताओं-बहनों के सिंदूर की राख ठंडी भी नहीं हुई और बीसीसीआई ने गद्दार राष्ट्र के साथ मैच फिक्स कर लिया। यह देश की अस्मिता के पिच पर खेला जाने वाला अपमानजनक मैच है। बीसीसीआई पैसा छापने की मशीन बन गई है।प्रधानमंत्री से हमारी मांग है कि पाकिस्तान के साथ होने वाले क्रिकेट मैच को रद्द किया जाए और बीसीसीआई पर प्रतिबंध लगाया जाए।पूरनपुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में शिवसैनिकों ने पाकिस्तान का झंडा जलाकर विरोध दर्ज कराया और जमकर नारेबाज़ी की। मौके पर शिवसेना के जिला उपाध्यक्ष प्यारे लाल प्रजापति, कानूनी सलाहकार एडवोकेट आर.के. शर्मा, जिला सचिव सोनू सिंह, तहसील अध्यक्ष कलीनगर ऋषभ सिंह, जिला महामंत्री प्रेम ताराचंद, झंडू सिंह, संजीव कोहली, अचल शर्मा, शिबम शर्मा, नितिन गुप्ता, शुधिर कुमार माथुर, अभिलाष गुप्ता, लकी राजपूत, हर्षित गंगवार, राजेश मौर्य समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।शिवसैनिकों ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंक का कारोबार बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ किसी भी स्तर पर खेल, व्यापार या सांस्कृतिक संबंध स्वीकार्य नहीं होंगे।
(मैच विरोध क्यों?)
2008 मुंबई हमला: पाकिस्तानी आतंकियों ने ताज होटल समेत कई जगहों पर हमला किया, सैकड़ों बेगुनाह मारे गए।2019 पुलवामा हमला: सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए, देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ ग़ुस्सा भड़का।
2025 पहलगाम हमला: आतंकी हमले में कई निर्दोषों की जान गई, माताओं-बहनों का सिंदूर उजड़ा।बीसीसीआई का फैसला: इन हालातों के बावजूद भारत–पाकिस्तान क्रिकेट मैच का ऐलान किया, जिससे देशभक्त संगठनों में आक्रोश।शिवसेना का रुख: “खून और खेल एक साथ नहीं हो सकते, पाकिस्तान से कोई रिश्ता नहीं।”




