मुरैनिया-गांधीनगर हजारा पीएचसी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 250 से अधिक मरीजों का निशुल्क इलाज

मुरैनिया-गांधीनगर हजारा पीएचसी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 250 से अधिक मरीजों का निशुल्क इलाज
पूरनपुर,पीलीभीत।बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मुरैनिया-गांधीनगर हजारा में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को बढ़ाने के उद्देश्य से पीएचसी मुरैनिया में व्यापक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएम आलोक कुमार शर्मा और एमओआईसी मनीष कुमार उपस्थित रहे।स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं और बच्चों सहित सभी वर्ग के मरीजों का व्यापक चिकित्सा परीक्षण किया गया।महिला डॉक्टर रश्मि श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ मिलकर मरीजों की जांच की और निशुल्क दवा वितरण किया। इस दौरान फार्मासिस्ट, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक डॉक्टर भी उपस्थित रहे, जिससे मरीजों को सभी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकीं।डॉक्टर रश्मि श्रीवास्तव ने बताया कि इस शिविर में लगभग ढाई सौ मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। प्रत्येक मरीज की बारीकी से जाँच कर उन्हें आवश्यक दवाइयाँ निशुल्क प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।स्वास्थ्य शिविर में फार्मासिस्ट अनिल गंगवार, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक डॉक्टर मंडल अध्यक्ष विजय सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, फईम अहमद, राजकुमार सहित शांति नगर प्रधान रामकृपाल सिंह, मनोज सिंह, मुकेश कुमार शहीम
अहमद, आदर्श सिंह और अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि सीएम आलोक कुमार शर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों को नियमित रूप से आयोजित करने और स्थानीय लोगों को मूलभूत स्वास्थ्य ज्ञान और रोकथाम संबंधी जानकारी प्रदान करने की योजना का उल्लेख किया।एमओआई सी मनीष कुमार ने भी कहा कि स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक स्वास्थ्य सुधार और बच्चों तथा महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में और अधिक क्षेत्रों में ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टरों और स्थानीय अधिकारियों ने सभी मरीजों की देखभाल का उच्च स्तर बनाए रखा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।स्वास्थ्य शिविर ने ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया और इस बात की पुष्टि की कि स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत हैं।




