यूपी

मिशन शक्ति फेस-5 के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय शेरपुर कला नंबर-2 में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

महिला कांस्टेबलों ने बच्चियों को दिया आत्मनिर्भरता और शिक्षा का संदेश, बच्चों ने दिखाया पुलिस बनने का उत्साह

मिशन शक्ति फेस-5 के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय शेरपुर कला नंबर-2 में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

महिला कांस्टेबलों ने बच्चियों को दिया आत्मनिर्भरता और शिक्षा का संदेश, बच्चों ने दिखाया पुलिस बनने का उत्साह

पूरनपुर,पीलीभीत।प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति फेस-5 के तहत शनिवार को थाना कोतवाली पूरनपुर से महिला कांस्टेबल तथा शेरपुर कला चौकी इंचार्ज अपने स्टाफ के चार साथियों के साथ प्राथमिक विद्यालय शेरपुर कला नंबर-2 पहुंचे। वहां आयोजित विशेष कार्यक्रम में बच्चियों को आत्मनिर्भर, शिक्षित और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत में महिला कांस्टेबलों ने विद्यालय में उपस्थित छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चियों को पढ़ाई-लिखाई के महत्व को समझाते हुए कहा कि “शिक्षा ही वह शक्ति है जो आपको आत्मनिर्भर बनाती है और समाज में सम्मान दिलाती है।”
उन्होंने बच्चियों को मिशन शक्ति के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए बताया कि यह अभियान महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।महिला कांस्टेबलों ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन (1090), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), पुलिस हेल्पलाइन (112) सहित अन्य आपातकालीन नंबरों की जानकारी दी।उन्होंने समझाया कि इन नंबरों पर कॉल करके बच्चियां संकट की घड़ी में तुरंत मदद प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही छात्राओं से सवाल-जवाब कर यह भी जाना कि वे इन जानकारियों को किस हद तक समझ पाई हैं।छात्राओं ने जताई इच्छा हमें पुलिस बनना है।संवाद के दौरान बच्चियों ने उत्साहपूर्वक कहा कि वे बड़ी होकर पुलिस बनना चाहती हैं। इस पर चौकी इंचार्ज शेरपुर कला ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा पुलिस में जाने के लिए आपको सबसे पहले पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देना होगा। साथ ही शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहना जरूरी है। मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर आप निश्चित रूप से पुलिस विभाग में अपना भविष्य बना सकती हैं।इस अवसर पर विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ,सभी बच्चे तथा गांव के कुछ गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने मिशन शक्ति जैसी योजनाओं की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चियों के मनोबल में वृद्धि होती है तथा उनमें आत्मविश्वास जागृत होता है।इस कार्यक्रम से विद्यालय की छात्राओं में नई ऊर्जा और जागरूकता आई। जहां एक ओर बच्चियों ने शिक्षा के महत्व को गहराई से समझा, वहीं दूसरी ओर पुलिस बनने के सपनों ने उनके चेहरों पर उत्साह भर दिया।यह जागरूकता कार्यक्रम मिशन शक्ति फेस-5 के अंतर्गत महिलाओं और बच्चियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणादायी रहा

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