माधोटांडा में निकली भव्य कलश यात्रा, नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ शुरु

माधोटांडा में निकली भव्य कलश यात्रा, नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ शुरु
2 अक्टूबर को पूर्णाहुति के बाद भंडारे का होगा आयोजन
कलीनगर (पीलीभीत)। सोमवार को माता गोमती उद्गम स्थल माधोटांडा से नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के उपलक्ष्य में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे वरिष्ठ परिजन लालता प्रसाद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधिविधान के साथ किया।
कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में गायत्री परिजन, महिलाएं व युवक-युवतियां शामिल हुए। सिर पर कलश धारण किए श्रद्धालुओं की टोलियां गगनभेदी नारों और भजन-कीर्तन के साथ आगे बढ़ीं। शोभायात्रा माधोटांडा से निकलकर आसपास के गांवों से होती हुई माधोटांडा नगर में पहुंची, जहां नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसी आध्यात्मिक उल्लास के बीच कलश यात्रा का समापन गोमती उद्गम स्थल पर हुआ। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग भक्ति रस और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और प्रसाद वितरण कर पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर ग्रामीणों और नगरवासियों का उत्साह देखते ही बनता था।
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन गोमती उद्गम स्थल पर विधिवत रूप से संपन्न कराया जाएगा, जिसमें हवन, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक साधना के कार्यक्रम होंगे। महायज्ञ का उद्देश्य समाज में नैतिक जागरण, संस्कारों का प्रचार-प्रसार और वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत करना है। कलश यात्रा के सफल आयोजन में स्थानीय कार्यकर्ताओं, महिला मंडल और गायत्री परिवार के परिजनों का विशेष योगदान रहा। गायत्री परिजन कौशल शर्मा ने बताया महायज्ञ प्रतिदिन प्रातः 7 से 11 बजे तक नौ कुंडीय गायत्री हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन होगा। वहीं शाम 8 से 10 बजे तक प्रज्ञा पुराण कथा एवं संगीत प्रवचन का कार्यक्रम गायत्री परिवार की टोली के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 2 अक्टूबर को महा पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।




