माधोटांडा ब्लॉक बनाने की कार्रवाई संभव नहीं कलीनगर बन सकता है नया ब्लॉक

माधोटांडा ब्लॉक बनाने की कार्रवाई संभव नहीं कलीनगर बन सकता है नया ब्लॉक
पीलीभीत।कलीनगर में नए ब्लॉक बनाने की मांग तेज हो रही है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत पर जिला प्रशासन ने जवाब देते हुए साफ कहा है कि संसाधनों की कमी के चलते फिलहाल माधोटांडा को ब्लॉक बनाने की कोई कार्यवाही संभव नहीं है। कलीनगर को नया विकास खंड (ब्लॉक) बनाए जाने को लेकर शासन स्तर पर मजबूत पर भी करनी होगी। इसमें जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है।
वर्ष 2016 में कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव माधोटांडा को ब्लॉक का दर्जा दिया गया था लेकिन कुछ माह बाद ही इसे फ्रीज कर दिया गया। तब से कलीनगर में ही नए ब्लॉक बनाने की मांग हो रही है। यहां तहसील होने के साथ ब्लॉक भी बनने से जनमानस को काफी सुविधा रहेगी। अगर यह ब्लॉक दूसरे स्थान पर बनेगा तो लोगों का भी दिक्कत होगी। कलीनगर निवासी सुमित शर्मा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी। उनका कहना था कि क्षेत्र की बड़ी आबादी को विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के लिए दूरस्थ ब्लॉक मुख्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि जिला विकास अधिकारी संजय कुमार की ओर से आए पत्र में कहा गया है कि शासन स्तर पर पहले माधोटांडा ग्राम पंचायत को नया विकास खंड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वित्तीय और मानव संसाधनों की कमी के कारण उसे ही खारिज कर दिया गया। ऐसे में कलीनगर को नया विकास खंड बनाने की प्रक्रिया इस स्तर से संभव नही है। कलीनगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासन के इस जवाब पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि सरकार वर्षों से केवल आश्वासन दे रही है लेकिन क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों की अनदेखी की जा रही है। लोगो का कहना है कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को विकास के लिए चुना है, लेकिन वे इस अहम मांग पर कोई ठोस पहल नहीं कर पा रहे। कलीनगर को जल्द ही ब्लॉक बनाने पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सुमित शर्मा ने कहा, “हर बार यही कहा जाता है कि पैसा और संभब नहीं हैं। अगर शहरों के लिए योजनाएँ बन सकती हैं तो हमारे क्लब के लिए क्यों नहीं? कलीनगर को ब्लॉक बनाए बिना यहां का विकास अधूरा रहेगा।” शकुंतला देवी, महिला ग्रामीण ने कहा, “सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। अगर ब्लॉक कलीनगर में बनेगा तो हमें दूर-दूर भटकना नहीं पड़ेगा। राजेश” ने कहा, “हमारे नेता चुनाव के समय वादा करते हैं कि कलीनगर को ब्लॉक बनाएंगे, लेकिन जीतने के बाद चुप हो जाते हैं। जनता अब और बरदाश्त नहीं करेगी।” फिलहाल सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद लोग नेताओं पर तंज कश रहे हैं। कुछ लोग चुनाव में सबक सिखाने की बात कह रहे हैं। कलीनगर निवासी सुमित शर्मा ने कहा हम हार नहीं मानेंगे। कलीनगर में ब्लॉक बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इससे कलीनगर सहित आसपास क्षेत्र जनता को सहूलियत होगी।




