खनन माफियाओं ने की ग्रामीण की हत्या दो नाबालिग समेत सात गिरफ्तार

खनन माफियाओं ने की ग्रामीण की हत्या दो नाबालिग समेत सात गिरफ्तार
पीलीभीत। शारदा की बाढ़ के बाद नदी से निकलकर रेत खेतों और सड़कों पर इकट्ठी हो गई। खनन माफिया ने इस आपदा में अवसर मानकर स्थानीय पुलिस और लेखपालों से सेटिंग कर कमाई का धंधा बना लिया। मिलीभगत सिंह पूरी रात रेत निकालने से खेतों में खड़ी फसल और सड़कों भी को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों के कई बार मना करने के बावजूद माफिया नहीं माने। 24 सितंबर शाम क्षेत्र के गांव अशोकनगर के मौजा मुरार खेड़ा निवासी इंद्रजीत सिंह 60 वर्ष पुत्र गुरदीप सिंह खेत की जुताई कर वापस लौट रहे थे। तभी उन्होंने खेत को जाने वाली सड़क पर खनन माफिया का विरोध किया था। इस पर माफिया उग्र हो गए थे। जानकारी लगने के बाद प्रधान पति सूरजभान सिंह ग्रामीणों के साथ पहुंच गए थे। बेखौफ खनन माफियाओ ने सभी पर ट्रैक्टर ट्राली चढ़ा दी थी। इसमें कई लोगों ने कूदकर जान बचाई थी। वृद्ध इंद्रजीत सिंह नहीं भाग सके। इसके बाद माफियाओ ने उन्हें ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। चपेट में आने से भानु और बबलू चौधरी भी जख्मी हो गए थे। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। घटना और अगले दिन ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा था। मामले में मृतक के पुत्र प्रीतम सिंह की ओर से पुलिस ने भरतपुर निवासी आलम अली उर्फ अलहम अली, सिद्ध नगर निवासी अरविंद यादव, संपूर्णानगर निवासी हेमंत महेश्वरी, छह लेवर और आलम के तीन भाइयों सहित 12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने अलहम अली उर्फ आलम अली उसके भाई मेहंदी हसन, मोहम्मद हुसैन के अलावा हेमंत महेश्वरी, पवन और दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से दो ट्रैक्टर की बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी टीम में थाना प्रभारी शरद यादव, उप निरीक्षक ऋषिपाल गिरी, अशोक कुमार, राहुल शर्मा, अमित कुमार, हेड कांस्टेबल गौरव कुमार, धीरज मलिक, नंदकिशोर, विकास कुमार सोहनवीर शामिल हैं। पुलिस फरार चल रहे आरोपी अरविंद यादव सहित अन्य की तलाश कर रही है।




