यूपी

कीटनाशक और वनों की कटाई से खतरे में सिग्नेचर स्पाइडर का अस्तित्व

टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कन्जर्वेशन सोसायटी ने किया संरक्षण का आह्वान

कीटनाशक और वनों की कटाई से खतरे में सिग्नेचर स्पाइडर का अस्तित्व

टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कन्जर्वेशन सोसायटी ने किया संरक्षण का आह्वान

पीलीभीत।पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी बाघों और जैवविविधता के लिए तो प्रसिद्ध है ही, लेकिन यहां पाए जाने वाले सिग्नेचर स्पाइडर भी अब आकर्षण का विषय बनते जा रहे हैं। इन मकड़ियों को यह नाम इसलिए मिला क्योंकि ये अपने जाले में सफेद धागों से एक्स या ज़िग-ज़ैग आकार बनाती हैं, जो किसी हस्ताक्षर जैसा दिखाई देता है।टरक्वाइज वाइल्डलाइफ कन्जर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष अख़्तर मियां खान ने बताया कि इस मकड़ी का रंग-बिरंगा शरीर और अनोखा जाल पर्यटकों व बच्चों को खासा आकर्षित करता है। ये मकड़ियाँ कीट नियंत्रण में अहम भूमिका निभाती हैं और पर्यावरण की सेहत का भी पैमाना मानी जाती हैं।उन्होंने चेतावनी दी कि कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग, वनों की कटाई और पर्यावरणीय बदलाव के कारण इनकी संख्या घट रही है। कई बार लोग डर या अज्ञानता में इनके जाले नष्ट कर देते हैं, जिससे इनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है।अख़्तर मियां खान ने कहा कि इन मकड़ियों को बचाने के लिए रसायनों का कम उपयोग, जंगलों के झाड़ीदार हिस्सों की सुरक्षा और आमजन में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा सिग्नेचर स्पाइडर छोटी जरूर है, लेकिन इसका योगदान बड़ा है। यह कीटों पर नियंत्रण रखती है, पर्यावरण की सेहत बताती है और जंगल की सुंदरता बढ़ाती है।

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