गजरौला में सजी आस्था की आभा, शारदीय नवरात्रि पर दुर्गा पूजा मेला शुरू

गजरौला में सजी आस्था की आभा, शारदीय नवरात्रि पर दुर्गा पूजा मेला शुरू
गजरौला/पीलीभीत। आज़ादी के समय से चली आ रही ऐतिहासिक परंपरा के तहत इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि पर दुर्गा पूजा का विशाल मेला धूमधाम से आरंभ हो गया है। इस परंपरा को गांव के रामेश्वर दयाल और उनकी पत्नी वीरा देवी वर्षों से सहेजते आ रहे हैं।मेले की शुरुआत मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना से हुई। कारीगर एक माह पहले से ही मां शेरावाली की प्रतिमा, महिषासुर वध की झांकी, भगवान गणेश, कार्तिकेय, लक्ष्मी, सरस्वती और भगवान शंकर की प्रतिमाएं तैयार करते हैं, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। शष्टमी के दिन विधिविधान से पूजा-अर्चना के बाद लगभग एक एकड़ क्षेत्र में सजे भव्य पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज़ हुआ। पीलीभीत व आसपास के कलाकारों ने रामलीला, नाटक, रासलीला और लोकनृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।मेले में दूर-दराज के सैकड़ों गांवों से लोग पहुंचे। झूले, दंगल, नाटक, खेल-खिलौने और खाने-पीने के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।मेला कमेटी में मेलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल के साथ ग्राम प्रधान आयुष राय, प्रधानपति नेमचंद वर्मा की पत्नी जशोदा देवी, महेंद्र पाल शर्मा, नीरज कुमार, वीरपाल और गोपाल सहित कई लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।अष्टमी पर परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ भाई फलों की बलि दी गई और भक्तों ने मां दुर्गा के चरणों में श्रद्धा व समर्पण अर्पित किया।नेशनल हाईवे स्थित आदर्श किसान इंटर कॉलेज के पास बने दुर्गा मां मंदिर पर यह परंपरागत मेला हर वर्ष जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए आस्था व आकर्षण का केंद्र बनता है। ग्रामीणों की मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।




