गाज़ा के बच्चों के लिए भारतीय बच्चों ने उठाई आवाज़,राष्ट्रपति को भेजा सामूहिक पत्र

गाज़ा के बच्चों के लिए भारतीय बच्चों ने उठाई आवाज़,राष्ट्रपति को भेजा सामूहिक पत्र
पूरनपुर।गाज़ा में जारी युद्ध और वहाँ मासूम बच्चों की हालत से व्यथित पूरनपुर क्षेत्र के बच्चों ने भारत के राष्ट्रपति को एक मार्मिक सामूहिक पत्र भेजकर शांति और मानवीय सहायता की अपील की है।मदरसा गुलशन-ए-बरकात, मोहल्ला साहूकारा, पूरनपुर के कक्षा 4 और 5 के बच्चों ने अपने हाथों से लिखा यह पत्र राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली को संबोधित किया। पत्र में बच्चों ने कहा कि गाज़ा के बच्चे बमबारी और भूख-प्यास से तड़प रहे हैं, उनके पास न दवा है, न सुरक्षित रहने का स्थान। ऐसी स्थिति देखकर उन्हें बहुत दुख होता है।बच्चों ने राष्ट्रपति से भावुक अपील करते हुए लिखा –
“हम चाहते हैं कि गाज़ा के बच्चे भी शांति और सुरक्षित माहौल में जी सकें। उन्हें भोजन और दवाइयाँ मिल सकें।भारत की ओर से मदद और आवाज़ उठाकर उन्हें राहत दिलाई जाए।पत्र पर मदरसे के कई छात्रों जैसे हसन, आयान, साहिल, कोमल, आरिफ, अली अहमद, फैज़ान, सिफा, अर्शमान सहित दर्जनों बच्चों के हस्ताक्षर किए गए।विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह पहल बच्चों की अपनी संवेदनाओं से उपजी है। वे टीवी और समाचार पत्रों में गाज़ा की स्थिति देखकर चिंतित हो उठे और उन्होंने सामूहिक रूप से अपनी पीड़ा राष्ट्रपति तक पहुँचाने का निर्णय लिया।गौरतलब है कि गाज़ा में जारी संघर्ष ने मासूम बच्चों की ज़िंदगी को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।इस अनोखी पहल से पूरनपुर के बच्चों ने यह संदेश दिया है कि इंसानियत की रक्षा के लिए सीमा और धर्म की दीवारें मायने नहीं रखतीं। उनकी छोटी-सी आवाज़ वैश्विक स्तर पर शांति और मानवता के लिए एक बड़ी उम्मीद बन सकती है।




