भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और यूपी पुलिस की संयुक्त गश्त,नशे व अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर
कमांडेंट शेर सिंह चौधरी के निर्देश पर चला विशेष अभियान, सीमा समन्वय बैठक में साझा हुई अहम जानकारियाँ

भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और यूपी पुलिस की संयुक्त गश्त,नशे व अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर
कमांडेंट शेर सिंह चौधरी के निर्देश पर चला विशेष अभियान, सीमा समन्वय बैठक में साझा हुई अहम जानकारियाँ
रणजीत सिंह हजारा
पूरनपुर,पीलीभीत।भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए बुधवार को सशस्त्र सीमा बल और उत्तर प्रदेश पुलिस का संयुक्त अभियान चलाया गया। 49वीं वाहिनी के कमांडेंट शेर सिंह चौधरी के दिशा-निर्देश और डी समवाय राघवपुरी के असिस्टेंट कमांडेंट चरणदीप सिंह बल की सीधी निगरानी में सीमा पर गश्त और बैठक दोनों संपन्न कराई गईं।इस अभियान में एसएसबी जवानों के साथ चौकी खजुरिया के इंचार्ज उपनिरीक्षक अनिल सिंह पंकज और उनकी टीम भी शामिल रही। सीमा स्तंभ संख्या 776 से 776/04 तक संयुक्त गश्त कर दोनों ओर की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान जवानों ने सीमा पर मौजूद गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया और हर संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क नजर बनाए रखी।गश्त के बाद आयोजित सीमा समन्वय बैठक में भारत-नेपाल सीमा की मौजूदा परिस्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने जवानों को ब्रीफिंग देते हुए कहा कि नेपाल के हालात सामान्य होने तक जवानों को चौकन्ना रहना होगा। साथ ही सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए दोनों पक्षों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान -प्रदान जरूरी है।असिस्टेंट कमांडेंट चरणदीप सिंह बल ने बैठक के दौरान विशेष रूप से नशा तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के व्यापार से न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद होता है बल्कि यह सीमा सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। इसीलिए जवानों को निर्देशित किया गया कि किसी भी कीमत पर नशे की खेप सीमा से पार न होने पाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमा पर शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होगी। जवानों को आदेश दिया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएं और मौके पर त्वरित कार्रवाई करें।अधिकारियों ने साफ किया कि यह संयुक्त गश्त और समन्वय बैठकें आगे भी नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों को भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों तक पहुंचानी चाहिए, ताकि अवैध कारोबारियों और तस्करों पर अंकुश लगाया जा सके।यह विशेष अभियान न केवल भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को पुख्ता करने का प्रयास है बल्कि इससे तस्करी, नशा कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।




