आस्था और संस्कृति का संगम बनेगा गजरौला का दुर्गा पूजा मेला
गजरौला में 27 सितंबर से भव्य दुर्गा पूजा मेले की तैयारिया शुरु

आस्था और संस्कृति का संगम बनेगा गजरौला का दुर्गा पूजा मेला
गजरौला में 27 सितंबर से भव्य दुर्गा पूजा मेले की तैयारिया शुरु
गजरौला/पीलीभीत।
गजरौला कस्बे में हर वर्ष परंपरागत रूप से आयोजित होने वाला दुर्गा पूजा मेला इस बार और भी भव्य स्वरूप में नज़र आएगा। आज़ादी के बाद से निरंतर आयोजित हो रही यह परंपरा अब ग्रामीण संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक बन चुकी है। आगामी 27 सितंबर, शनिवार से मेला प्रारंभ होकर सात दिनों तक चलेगा।मेले के दौरान आदर्श किसान इंटर कॉलेज के पास बने परिसर में स्थित माँ दुर्गा मंदिर में प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल पूजा- अर्चना, आरती एवं देवी वंदना की गूंज वातावरण को भक्तिमय बना देगी। श्रद्धालु दूर-दराज़ से आकर माँ दुर्गा के दर्शन करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित होंगे। मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ मनोरंजन और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। समिति द्वारा झूले, दंगल, नाटक, रामलीला और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। शाम को रंगमंच पर प्रस्तुतियाँ दर्शकों को बाँधकर रखेंगी। ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों में मेले को लेकर उत्साह चरम पर है। मेला प्रभारी रामेश्वर दयाल नेता ने बताया कि परंपरा के अनुरूप इस बार भी मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न कराया जाएगा। आयोजन समिति ने अलग-अलग हिस्सों में स्टॉल, झूले और सांस्कृतिक मंच चिन्हित किए हैं। बिजली, पानी और साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को अवगत कराया गया है ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।ग्रामीण उत्साह का अनोखा संगम गजरौला और आसपास के गाँवों से लोग पूरे परिवार के साथ मेले में पहुँचेंगे। बच्चों के लिए झूले और मिठाई का आकर्षण होगा, युवाओं को दंगल और नाटकों का रोमांच मिलेगा, जबकि महिलाएँ देवी माँ के दर्शन के साथ खरीदारी का आनंद लेंगी। इस बार मेले में श्रद्धा, उल्लास और भीड़ का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।




