स्वयं सहायता समूहों की प्रगति की समीक्षा, विभिन्न उत्पाद निर्माण व कृषि गतिविधियों की हुई चर्चा
डीएम ने दिए निर्देश,एसएचजी समूहों के बैंक खाते खुलवाए जाएं,गौशालाओं से जोड़ा जाए

स्वयं सहायता समूहों की प्रगति की समीक्षा, विभिन्न उत्पाद निर्माण व कृषि गतिविधियों की हुई चर्चा
डीएम ने दिए निर्देश,एसएचजी समूहों के बैंक खाते खुलवाए जाएं,गौशालाओं से जोड़ा जाए
पीलीभीत।जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की मासिक समीक्षा बैठक गांधी सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में उपायुक्त स्वतः रोजगार ने समूह गठन, प्रोफाइलिंग, ग्राम संगठन में समूहों की मैपिंग, क्लस्टर लेवल फंड आदि की प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी।बैठक में बताया गया कि जिले के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गम्बूसिया मछली पालन, जलकुंभी से उत्पाद निर्माण, मशरूम खेती व उत्पाद, कारचोबी, जरदोजी, बैग निर्माण, काला चावल व काला गेहूं की खेती, एलईडी बल्ब निर्माण, आर्टिफिशियल ज्वैलरी व हौजरी जैसे कार्यों में सक्रिय हैं। साथ ही आजीविका सखी, बैंक सखी, विद्युत सखी व स्वास्थ्य सखी भी विभिन्न सेवाओं से जुड़ी हुई हैं।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों के खाते बैंक में अवश्य खुलवाए जाएं। उन्होंने कहा कि समूहों को गौशालाओं से जोड़ते हुए गोबर से उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही समूहों की बैठकें ग्राम सचिवालय में आयोजित करने और मिशन के लिए वहां स्थान आरक्षित करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी योजनाओं की जानकारी साझा की।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एलडीएम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।




