शारदा नदी की कटान से त्रस्त ट्रांस शारदा, ग्राम प्रधानों ने सीएम से तटबंध निर्माण की गुहार
हर साल बर्बादी झेल रहे गांव,शारदा नदी पर तटबंध की मांग तेज

शारदा नदी की कटान से त्रस्त ट्रांस शारदा, ग्राम प्रधानों ने सीएम से तटबंध निर्माण की गुहार
हर साल बर्बादी झेल रहे गांव,शारदा नदी पर तटबंध की मांग तेज
(M BARKAATI)
पूरनपुर,पीलीभीत। तहसील क्षेत्र के ट्रांस शारदा इलाके में शारदा नदी की बाढ़ और कटान से ग्रामीण हर साल तबाही झेल रहे हैं। खेत-खलिहान बह रहे हैं, हजारों बीघा जमीन नदी में समा रही है और किसान रोज़ी-रोटी के संकट से जूझ रहे हैं। इसी समस्या के स्थायी समाधान को लेकर ट्रांस शारदा क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर नदी के दोनों किनारों पर मजबूत तटबंध निर्माण की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी हर साल अपना रुख बदलकर सिद्धनगर और हजारा सहित दर्जनों गांवों की जमीन काट रही है। फसल बर्बाद होने से किसान कर्ज में डूब रहे हैं और परिवारों को पलायन की नौबत आ रही है। लाखों की आबादी असुरक्षा की चपेट में है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक करोड़ों रुपये की परियोजनाएं चलाई गईं लेकिन बाढ़ और कटान की समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रस्तावित तटबंध का निर्माण जल्द नहीं हुआ तो यह क्षेत्र हर साल बर्बादी का शिकार होता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सेतु निर्माण की योजनाओं पर तो करोड़ों खर्च किए गए, लेकिन कटान रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए। ज्ञापन में कहा गया है कि 1991-92 से लेकर अब तक ट्रांस शारदा क्षेत्र में बाढ़ और कटान से गांवों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ चुका है। दर्जनों गांव आंशिक या पूरी तरह नदी में समा चुके हैं। इस बार भी हालात गंभीर हैं और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों लोगों को उजड़ना पड़ेगा। ट्रांस शारदा क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी पूरनपुर अजीत प्रताप सिंह को सौंपा है। इसमें जिलाधिकारी पीलीभीत, आयुक्त बरेली मंडल, सांसद पीलीभीत और स्थानीय विधायक को भी प्रतिलिपि भेजी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ विकास की समस्या नहीं बल्कि अस्तित्व का सवाल है। अब वे सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।




