शारदा किनारे बसे गांवों में डर का माहौल, हर पल बढ़ रहा खतरा
धान-गन्ना को मिला पानी, पालेज को बारिश से खतरा

शारदा किनारे बसे गांवों में डर का माहौल, हर पल बढ़ रहा खतरा
धान-गन्ना को मिला पानी, पालेज को बारिश से खतरा
प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को किया अलर्ट, लगातार बारिश से हालात बेकाबू होने की आशंका
पूरनपुर,पीलीभीत।क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। बारिश के कारण कुछ दिन पहले किए गए बचाव कार्य भी नदी में डूब चुके हैं, जिससे शारदापार, श्रीनगर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।आपके बतादे दो दिन से लगातार हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसमें कुछ दिन पहले बाढ़ बचाव कार्य भी डूब गए है। इससे ग्रामीणों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं। शारदा पाल गांव के लोग बचाव कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इससे पहले कोई बरसात के बाद कई किसानों की कृषि योग्य भूमि फसल सहित नदी में समा गई थी। अब बाढ़ आने से ग्रामीणों की धुधधुकी बढ़ी हुई है। मंगलवार सुबह 10 बजे तक बनबसा बैराज में हालात सामान्य बताए गए हैं। लगातार बरसात होने से हालात बेकाबू हो सकते हैं। धान गन्ना सहित अन्य फसलों के लिए बारिश काफी लाभदायक बताई जा रही है
पूरनपुर और कलीनगर तहसील के कई गांव शारदा नदी किनारे बसे हुए हैं। पिछली साल शारदा नदी चंदिया हजारा गांव के नजदीक पहुंच गई थी ग्रामीणों ने बचाव कार्य की मांग कर कई दिन तक धरना प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद चैनेलाइजेशन कार्य की मंजूरी मिली थी। सोमवार के बाद मंगलवार लगातार बारिश होने से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक दिन पहले प्रशासन ने अलर्ट जारी किया था। पानी बढ़ जाने से बचाव कार्य डूब गए हैं। बरसात अधिक होने से शारदा का पानी गांव में पहुंचने की आशंका से लोग परेशान नजर आ रहे हैं। बचाव कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर श्रीनगर सहित कई गांव के लोग प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसके बाद विभाग ने झाड़ झंकार डालकर कटान रोकने के प्रयास भी किया लेकिन सब नाकामयाब साबित हुए। मंगलवार सुबह 10 बजे तक बनबसा बैराज में भी हालत सामान्य रहे। लोगों को कहना है कि इसी तरह लगातार बारिश होती रही तो शारदा का जलस्तर बढ़ जाएगा। इसके बाद नदी का पानी गांव में घुसना शुरू हो जाएगा। हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गांव में बनी बाढ़ चौकिया को भी सचेत किया गया है। बरसात से गांव से लेकर शहर के मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं। मेहनत मजदूरी करने वाले लोग बरसात होने पर घर से बाहर नहीं निकल सके। जरूरी कामकाज को घर से निकले लोग भीगते नजर आए।ग्रामीणों का आरोप है कि झाड़-झंकार डालकर कटान रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नाकाफी रहा। श्रीनगर, शारदा पाल समेत कई गांवों के लोग फिर प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।बारिश से शहर और गांव के मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
अगस्त माह में अब तक लगभग 58 एमएम बरसात हो चुकी है। सोमवार शाम तक 28 और रात से अब तक 30 एमएम बरसात हुई है। यह बारिश धान गन्ना सहित अन्य फसलों के लिए काफी लाभदायक है। बारिश न होने से फसल की उपज प्रभावित हो रही थी। निचले स्थान पर लगी पालेज फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है।
शैलेंद्र सिंह ढाका
कृषि वैज्ञानिक, पीलीभीत




