नीट परीक्षा में सफल हर्षिता विश्वकर्मा,डॉ० आई.ए. खान ने किया सम्मानित

नीट परीक्षा में सफल हर्षिता विश्वकर्मा,डॉ० आई.ए. खान ने किया सम्मानित
संपूर्णानगर,पीलीभीतसफलता की राह पर चलते हुए,संपूर्णानगर क्षेत्र के छोटे से गाँव रानीनगर की बेटी हर्षिता विश्वकर्मा ने देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा, नीट में शानदार सफलता हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में, क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी, पर्यावरणप्रेमी और हाल ही में ‘संपूर्णानगर रत्न’ से नवाजे गए डॉ. आई.ए. खान ने हर्षिता और उनके पिता, श्री भोला विश्वकर्मा को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।सम्मान समारोह का आयोजन डॉ. खान के निवास पर किया गया, जहाँ उन्होंने हर्षिता के पिता भोला विश्वकर्मा को एक शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने भोला विश्वकर्मा की मेहनत और अपनी बेटी को दी गई शिक्षा पर गर्व व्यक्त किया। डॉ. खान ने कहा, “भोला विश्वकर्मा जैसे पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। उनकी यह लगन और समर्पण आज रंग लाया है।हर्षिता की यह सफलता कोई अचानक नहीं है, बल्कि यह उनकी सालों की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। डॉ. खान ने बताया कि हर्षिता शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। उन्होंने अपनी हाई स्कूल की परीक्षा में ज़िले में छठा स्थान हासिल किया था,जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ रानीनगर गाँव बल्कि पूरे संपूर्णानगर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। हर्षिता अब मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करेंगी।डॉ. खान का शिक्षा के प्रति समर्पण डॉ. आई.ए. खान स्वयं एक शिक्षाप्रेमी हैं और छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। वे समय-समय पर विभिन्न सेमिनार और कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को सही मार्गदर्शन देते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा ही समाज की असली नींव है। डॉ. खान ने कहा, “हर्षिता की यह सफलता उन सभी बच्चों के लिए एक प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। मैं हमेशा ऐसे बच्चों की हर संभव मदद के लिए तैयार रहता हूँ, ताकि कोई भी बच्चा अपनी आर्थिक स्थिति के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।डॉ. खान की यह पहल यह दर्शाती है कि समाज में ऐसे लोग भी हैं जो न केवल पर्यावरण की चिंता करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि हर्षिता की सफलता से प्रेरित होकर आने वाले समय में और भी बच्चे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।




