मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत किसानों को दी गई गन्ना उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी

मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत किसानों को दी गई गन्ना उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी
हजारा,पीलीभीत। मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत गन्ना किसानों को गन्ने की अच्छी उपज के लिए ग्राम सुमेर नगर में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसमें गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने और कीट नियंत्रण पर चर्चा की गई। वहीं मास्टर ट्रेनर ने गन्ने के साथ साथ सहफसली खेती करने के लिए भी प्रोत्साहित किया था।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गन्ना किसानों को गन्ना खेती की उन्नत व वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना था। ताकि उनके गन्ने की उत्पादकता व आय में वृद्धि हो सके। लखीमपुर खीरी जनपद की पलिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुमेर नगर में मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत गन्ना विकास समिति सम्पूर्णानगर खीरी तथा किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर खीरी के संयुक्त तत्वावधान में किसान गोष्ठी का आयोजन लखीमपुर खीरी जनपद की पलिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सुमेर नगर में किया गया था। जिसमें गन्ने की उत्पादन क्षमता बढ़ाने व कीटनाशक रोगों से बचाव कैसे करें इस पर चर्चा की गई थी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर व गन्ना पर्यवेक्षक उमाशंकर यादव ने वहां मौजूद किसानों को गन्ने की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, सहफसली खेती करने, गन्ने में लगने वाले रोगों व कीट नियंत्रण, के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया। इसके अलावा उन्होंने फसल चक्र की उपयोगिता, मृदा परीक्षण, ड्रिप इरिगेशन के महत्व तथा गन्ने के साथ की जाने वाली विभिन्न फसलों की सहफसली खेती करने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा भी गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के तरीकों पर चर्चा की गई थी।वहीं इस दौरान गन्ना विकास समिति सम्पूर्णानगर खीरी के सचिव गंगा राम यादव ने फार्म मशीनरी का उपयोग करने, गन्ने का प्रजातिय संतुलन बनाए रखने व संतुलित मात्रा में पोषक तत्व देने के बारे में वहां मौजूद किसानों को विस्तार पूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया। इसके अलावा उन्होंने वैज्ञानिक विधि से गन्ने की खेती करने की सलाह दी । इस दौरान मौके पर चीनी मिल व गन्ना विकास समिति के अधिकारीयों व कर्मचारियों के साथ साथ काफी संख्या में प्रगतिशील गन्ना किसान मौजूद रहे।




