कलीनगर और माधोटांडा ब्लॉक की जंग: सोशल मीडिया पर नेताओं की फजीहत, जनता बोली–हक चाहिए वादों का चक्कर नहीं”
कलीनगर vs माधोटांडा

कलीनगर और माधोटांडा ब्लॉक की जंग: सोशल मीडिया पर नेताओं की फजीहत, जनता बोली–हक चाहिए वादों का चक्कर नहीं”
“तहसील मिली, ब्लॉक अधूरा… कलीनगर में नए ब्लाक को लेकर सोशल मीडिया पर सियासी संग्राम तेज”
“भाजपाई भी अपनी ही सरकार पर बरसे, कलीनगर ब्लॉक को लेकर मचा घमासान”
सपा सरकार में नौ साल पहले बना ब्लॉक हुआ था फ्रिज
पीलीभीत। बंद ब्लॉक को पुनः संचालन करने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री ने पैरबी के बाद अब उम्मीद के पंख लग गए है। अब कलीनगर तहसील मुख्यालय पर ब्लाक की मांग की जाने लगी है। इसपर सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। लोग तहसील में ही ब्लॉक बनाने की भी मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कई लोग प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। कुछ भाजपाई अपनी पार्टी को ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। तो कोई आगामी चुनाव में पार्टी को सबक चलने तक का जवाब दे रहे है। फिलहाल सोशल मीडिया पर मामला काफी गर्म बना हुआ है।वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी सरकार में कलीनगर को तहसील और माधोटांडा ब्लॉक का दर्जा दिया गया था। कस्बे के ही जूनियर हाईस्कूल में अस्थाई रूप से ब्लॉक का कामकाज शुरू किया गया। कुछ माह बाद कामकाज बंद होकर पुनः पूरनपुर ब्लाक से संचालित होने लगे। कलीनगर तहसील को अपना भवन मिल चुका है। पिछले कई सालों से नया ब्लॉक बनाने की मांग की जा रही है। कुछ दिन पहले माधोटांडा में ब्लॉक संचालन के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इस पर लोग अब ब्लॉक बनने की उम्मीद जता रहे हैं। दो दिन पहले सोशल मीडिया पर मामला उठने पर कलीनगर के लोगों में काफी उबाल देखा जा रहा है। कस्बे के लोग सोशल मीडिया पर कलीनगर में ही ब्लॉक बनाने की मांग की जा रही हैं। इसको लेकर फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जंग छिड़ी हुई है। कुछ स्थानीय भाजपा नेता अपनी पार्टी को कटघरे में खड़ा करते देखे जा रहे हैं। कलीनगर के अरविंद यादव लिखते हैं ब्लॉक और तहसील दोनों एक जगह होंगे तभी आम आदमी को सुगमता होगी। वरना चक्कर लगते ही रह जाएंगे। माधोटांडा भी हमारा और कलीनगर भी हमारा। परन्तु क्षेत्रबाद से परे होकर समझने की आवश्यकता है। परीक्षित पांडे लिखते हैं अगर कलीनगर में ब्लॉक बनता है तो आसपास के ग्रामीणों को कार्यों से संबंधित दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। राकेश पाल बोले तहसील व ब्लॉक दोनों एक जगह तभी राहत होगी। कलीनगर व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष जावेद सिद्दीकी लिखते हैं ब्लॉक कलीनगर में ही होना चाहिए। तहसील ब्लाक का साथ होता है, इससे आम आदमी को आराम मिलेगी। आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। डाक्टर शांति स्वरूप वर्मा, कौशल शर्मा, जमुनिया के आनंद शुक्ला व रुपेश शर्मा, अवनीश पाल, व्रजेश भारती, रामरतन यादव, अनुपम सक्सेना, राज जयसवाल, दिनेश मिश्रा, रुपदास, धीरज भारती, लक्ष्मीपुर के धर्मेंद्र लोधी, प्रमोद कटियार, राजा गुप्ता, मयंक गुप्ता, नितेश मिश्रा, रविंद्र कुमार, दीपक यादव, शुभम कुशवाहा, नीरज यादव, शैलेश कुमार, कुलदीप जायसवाल, प्रशांत राठौर, अरविंद कुमार राठौर प्रकाश सरोज, सर्वेश कुमार, रजा अंसारी, राजेश माथुर, नदीम खान, प्रकाश पांडेय, विपिन शर्मा, अक्षय कुमार, कन्हैया राजपूत, प्रमोद कुशवाहा, डाक्टर ओम बाबू शर्मा, राजेश कुशवाहा, धर्मेंद्र वर्मा, बैबी सिंह यादव, संदीप भारती, गौतम कुमार पांडेय, अनुराग पांडेय, राहुल सक्सेना, ध्यान सिंह, मनीष यादव, पूरनपुर के प्रवीन चौहान कलीनगर में ब्लॉक होने का दम भर रहे हैं। प्रसादपुर के रामकृपाल और चांदूपुर के प्रशांत पांडेय लिखते हैं जनता के लिए कलीनगर ब्लॉक सही रहेगा। यहां तहसील पहले से ही है। समय और धन की बचत होंगी। पूर्व अध्यक्ष ताहिर खान के पुत्र आजम खान लिखते हैं ब्लॉक और तहसील दोनों एक जगह होंगे तभी आम आदमी को राहत होगी। वरना आम आदमी, मजदूर, किसान चक्कर लगाता रह जाएगा। काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। आप जिला अध्यक्ष अमित मिश्रा लिखते हैं ब्लॉक और तहसील एक जगह होनी चाहिए। जनमानस को आसानी होगी। रवि कुमार वाल्मीकि लिखते हैं अभी बना नहीं है अभी टाइम है। नेता लोग कुछ करें तो कलीनगर में बन सकता है ब्लॉक। गंगाराम शर्मा लिखते हैं तहसील कलीनगर में है नियमानुसार ब्लॉक भी कलीनगर में ही होना चाहिए। अब देखना है पार्टी नेता कितनी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। पवन जायसवाल बीजेपी लिखते हैं ब्लॉक कलीनगर में हो रहा है लेकिन उसे हटाने में लगे हैं। दीपक कुमार मिश्रा लिखते हैं कलीनगर का भविष्य है। ब्लॉक न होने पर तहसील अधूरी। क्योंकि ब्लॉक में सारे काम ग्राम पंचायत व नगर के होते हैं। वही रौनक होती है। प्रवेश भारती लिखते हैं सब नेता कलीनगर के विरोधी। पहले तहसील हटाने में लग रहे अब ब्लॉक के। सिकंदर अली बरकाती, मोहम्मद आरिफ खान सहित अन्य माधोटांडा में ब्लॉक बनाने को लिख रहे हैं। बृजेश गंगवार लिखते हैं बहुत ही अच्छा कार्य सांसद जी का, बधाई हो। रंगीला आर्ट लिखते हैं सपा सरकार में कलीनगर को तहसील और बिजली घर के दो तोहफे मिले थे। विधायक जी आपसे ब्लॉक की उम्मीद थी वह आज समाप्त हो गई। कलीनगर में बीजेपी के नेता बस फट्टा बिछाओ और फट्टा उठाओ और पीछे खड़े होकर जय जय बोलो। विधायक जी कभी कलीनगर वालों का दर्द भी समझ लीजिए। राम बहादुर सिंह यादव लिखते हैं 16 माह बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में विकास की गंगा बहेगी। तहसील कलीनगर के लोग धैर्य रखें। आने वाले समय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का सहयोग कीजिए। मंजीत सिंह लिखते हैं कलीनगर की राजनीति केवल सोशल मीडिया तक की सीमित है। ब्लॉक कहां बनेगा यह तो आने वाला समय ही तय करेगा। कलीनगर के अमित कुमार लिखते हैं कलीनगर में तहसील मौजूद होने के बावजूद यहां के नेता और जिम्मेदार लोग मौन साधे बैठे हुए हैं। नेता नींद से जागे और अपने हक की लड़ाई लड़ें। सारी मूलभूत सुविधाएं तुमसे छीनी जा रही हैं। तुम सोते रहो। सूरज राठौर लिखते हैं ऐसे कई बार पत्र लिखा जा चुका है। कुछ नहीं होता। सांसद और विधायक समस्या का समाधान के लिए पत्र लिख देते हैं समाधान नहीं करवाते। जनता पत्र लिखने से खुश होती है। अशोक कुमार भारती लिखते हैं हमें कलीनगर तहसील भी नहीं चाहिए। हमारा ब्लाक पूरनपुर ही हो। फिलहाल कलीनगर में ब्लॉक को लेकर अभी कस्बे के किसी भी नेता ने खुलकर पैरवी नहीं की है।
माधोटांडा भी कलीनगर तहसील का अभिन्न अंग है। इसे शीघ्र नगर पंचायत का दर्जा दिया जाना चाहिए। रही बात ब्लॉक को तो तहसील मुख्यालय पर ही ब्लॉक का होना आवश्यक है। इसमें वादकारियों का समय और धन बचेगा। दूसरे स्थान पर ब्लॉक बनने से जरूरतमंदों को व्यर्थ की भागदौड़ करनी होगी।
पूर्णेद्र शर्मा एडवोकेट, महासचिव, कलीनगर
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सबकी अलग-अलग राय
जावेद सिद्दीकी (अध्यक्ष व्यापार मंडल)– कलीनगर तहसील संग ब्लॉक जरूरी, जनता को आराम मिलेगा। आवाज उठाने को तैयार हैं।
रवि यादव एडवोकेट बताते हैं तहसील मुख्यालय पर ही ब्लॉक का होना जरूरी है
प्रारसादपुर के रामकृपाल, चांदूपुर के प्रशांत पांडे और लक्ष्मीपुर के कंधई राजपूत धर्मेंद्र वर्मा – कलीनगर सही जगह, समय-धन दोनों की बचत।
पवन जायसवाल- जहां तहसील है वहां ब्लॉक भी होना चाहिए। राजनीति को साइड में रखकर हम नगर के बिकास के लिए एक साथ खड़े हैं।
गंगाराम शर्मा – तहसील कलीनगर में है, ब्लॉक भी यहीं होना चाहिए।
प्रवेश भारती – नेता कलीनगर विरोधी, पहले तहसील रोकी अब ब्लॉक।
राजेश माथुर लिखते हैं जब तक कलीनगर के नेता सोएंगे तब तक कलीनगर जनता बहुत कुछ खोएगी। जनता को जागना होगा, विकास रोजगार को मांगना होगा। बिना मांगे कुछ नहीं मिलने वाला।
रामबहादुर यादव – सपा राज में ही फिर बहेगी विकास गंगा।
अमित कुमार – नेता मौन साधे बैठे, जनता को खुद जागना होगा।
अशोक भारती – हमें तहसील भी नहीं चाहिए, ब्लॉक पूरनपुर ही सही।
अवनीश पाल, व्रजेश भारती, रामरतन यादव सहित कई लोग – कलीनगर में ब्लॉक की मांग को सही ठहराया।
जमुनिया के आनंद शुक्ला, रुपेश शर्मा व विपिन शर्मा – “जनता के लिए कलीनगर ब्लॉक सही रहेगा, समय व धन की बचत होगी।”
माधोटांडा निवासी डॉक्टर ओम बाबू शर्मा कहते हैं कलीनगर में ब्लॉक और माधोटांडा को नगर पंचायत का दर्जा मिले
आजम खान (पूर्व चेयरमैन ताहिर खान के पुत्र) – “ब्लॉक और तहसील दोनों एक जगह होंगे तभी किसान व मजदूर को राहत मिलेगी।”
अमित मिश्रा (आप जिला अध्यक्ष) – “ब्लॉक-तहसील एक जगह जरूरी, तभी जनता को आसानी।”
रवि कुमार वाल्मीकि – “अभी समय है, नेता चाहें तो कलीनगर में ब्लॉक बन सकता है।”
बैबी यादव व अक्षय कुमार– “तहसील कलीनगर में है तो नियमानुसार ब्लॉक भी यहीं होना चाहिए।”
दीपक मिश्रा – “ब्लॉक न होने पर तहसील अधूरी है।”
प्रवेश भारती – “नेता कलीनगर के विरोधी हैं, पहले तहसील हटाने में लगे थे अब ब्लॉक।”
सिकंदर अली, रजा बरकाती, मोहम्मद आरिफ खान – माधोटांडा में ब्लॉक बनाए जाने की मांग कर रहे।
रंगीला आर्ट – “सपा सरकार में कलीनगर को तहसील और बिजलीघर का तोहफा मिला था, अब बीजेपी से ब्लॉक की उम्मीद खत्म।”
मंजीत सिंह – “कलीनगर की राजनीति सोशल मीडिया तक सीमित है, ब्लॉक कहां बनेगा यह समय तय करेगा।”
Rpt. Shailendra Sharma Vyast




