केसरपुर कला सादगी से मनाया गया चेहल्लुम का त्यौहार

केसरपूर कला सादगी से मनाया गया चेहल्लुम का त्यौहार
गोरा, पीलीभीत। हर साल की तरह इस साल भी बड़ी सादगी के साथ चेहल्लुम का त्यौहार बड़ी सादगी के साथ मनाया गया। थाना सेहरामऊ उत्तरी के क्षेत्र केसरपूर कला में हर साल की तरह इस साल भी चेहलम त्यौहार मनाया गया। जिसमें हजारों की संख्या में चेहलुम का मेला देखने के लिए लोग आए मेले में बच्चों ने झूले का आनंद लिया और बच्चों ने खिलौने भी मेले में खरीदे। इमामे हुसैन ने इस्लाम की खातिर अपने नाना जान के दीन की खातिर अपने तमाम घरवालों को कर्बला के मैदान में कुर्बान कर दिया। आज इस सिलसिले में चेहल्लुम की त्योहार यानी चेहल्लुम की फातिहा मनाई जाती है। इमामे हुसैन कर्बला के मैदान में सिर्फ सच और झूठ की बुनियाद जंग की यजीद इमामे हुसैन से कह रहा था। तुम हमारे हाथ पर बेअत हो जाओ लेकिन उसके यहां शराब जुआ सगी बहन से निकाह करना यह सब कुछ जायज था। तो इमामे हुसैन इनकार कर दिया। और कहा मैं हरगिज़ फासिक ब फाजिर के हाथ पर अपना हाथ नहीं दे सकता हूं।इसी बुनियाद पर इमामे हुसैन और यजीद जंग हुई सात मुहर्रम से लड़ाई शुरू हुई और 10 मोहरम तक इमामे हुसैन के खानदान वाले कर्बला के मैदान में शहीद हो गए।




