जामा मस्जिद में धूमधाम से मनाया गया आला हज़रत का 107वां उर्स

जामा मस्जिद में धूमधाम से मनाया गया आला हज़रत का 107वां उर्स
पूरनपुर,पीलीभीत।आला हज़रत का 107वां उर्स-ए-शरीफ कुल की रस्म के साथ संपन्न हुआ।जिसमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे।बीते दिन से शुरू हुए उर्स का समापन बुधवार,20 अगस्त को दोपहर 2:38 पर कुल शरीफ की फातिहा के साथ हुआ।इसी कड़ी में, बुधवार को शेरपुर कलां की जामा मस्जिद में कुल शरीफ और नात शरीफ का आयोजन किया गया। मस्जिद के इमाम ने आला हज़रत के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अल्लाह के नेक बंदों ने हमें समझाया है कि पांच वक्त की नमाज हम पर फर्ज है और हमें कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए।इमाम ने कहा कि आला हज़रत जैसा मुरीद होना भी मुश्किल है। उनके पीर, सैय्यद आले रसूल, को भी उन पर गर्व था। सैय्यद आले रसूल ने फरमाया था कि अगर कयामत के दिन खुदा उनसे पूछेगा कि वह दुनिया से उनके लिए क्या लेकर आए हैं, तो वह अपनी इबादत और रियाजत पेश नहीं करेंगे, बल्कि खुदा की बारगाह में अहमद रजा को पेश कर देंगे। यह दर्शाता है कि आला हज़रत का दर्जा कितना ऊंचा था।




