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ग्राम प्रधान बासूदेव कूंडू व सचिव प्रेमशंकर की पहल से चंदिया हजारा के बच्चों को मिला फर्नीचर का तोहफ़ा

चंदिया हजारा के बच्चों को मिला बेहतर शैक्षिक माहौल, अब कुर्सी–मेज पर बैठकर होगी पढ़ाई

ग्राम प्रधान बासूदेव कूंडू व सचिव प्रेमशंकर की पहल से चंदिया हजारा के बच्चों को मिला फर्नीचर का तोहफ़ा

चंदिया हजारा के बच्चों को मिला बेहतर शैक्षिक माहौल, अब कुर्सी–मेज पर बैठकर होगी पढ़ाई

पूरनपुर,पीलीभीत।ग्रामीण अंचल में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में चंदिया हजारा क्षेत्र के विद्यालयों को लेकर एक सकारात्मक पहल हुई है।अब तक जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने वाले बच्चों को पहली बार शानदार कुर्सी और मेज उपलब्ध कराए गए हैं। यह सुविधा पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदिया हजारा और प्राथमिक विद्यालय चंदिया हजारा बंगाली कॉलोनी दोनों में उपलब्ध कराई गई है।नई व्यवस्था से विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र–छात्राओं के चेहरों पर खुशी झलक रही है। बच्चों ने कहा कि अब उन्हें पढ़ाई के समय असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे भी बड़े स्कूलों की तरह आराम से मेज–कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों को लिखने–पढ़ने में दिक्कत होती थी। कई बार ठंड और बरसात में ज़मीन पर बैठना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं था। अब इस नई व्यवस्था से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा बल्कि उनकी पढ़ाई में भी और सुधार होगा।
ग्रामीण अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के भविष्य को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि विद्यालय में सुविधाओं के बेहतर होने से बच्चों का नामांकन बढ़ेगा और उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। आरामदायक वातावरण मिलने से छात्र–छात्राओं का ध्यान पढ़ाई पर अधिक केंद्रित होगा और इससे परिणामों में भी सुधार होगा।शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण अंचल के सभी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता कराई जाएगी ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी से वंचित न रह जाए। आने वाले समय में अन्य विद्यालयों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।छोटे–छोटे बच्चों ने मेज–कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई शुरू की तो उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। कई बच्चों ने कहा कि अब उन्हें लगता है जैसे वे किसी बड़े और आधुनिक स्कूल में पढ़ाई कर रहे है।इस पहल में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेम शंकर व और ग्राम पंचायत प्रधान वासुदेव कुंडूं की अहम भूमिका रही है।दोनों के प्रयासों से विद्यालयों में बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था संभव हो पाई।

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