चंदिया हजारा में कई एकड़ भूमि और फसलें नदी में समाईं, प्रधान ने प्रशासन से बचाव राहत कार्य शुरू करने की मांग

चंदिया हजारा में कई एकड़ भूमि और फसलें नदी में समाईं, प्रधान ने प्रशासन से बचाव राहत कार्य शुरू करने की मांग
पूरनपुर,पीलीभीत। पिछले कुछ दिनों से लगातार कटान हो रहा है।जिससे शारदा के किसाने खेतो के मालिको मे हाहाकार मचा हुआ है। नदी की उफनती लहरों ने किसानों के खेतों में घुसकर उनकी खड़ी फसलों को तबाह कर दिया है।चंदिया हजारा प्रधान वासुदेव कुंडू ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर बचाव राहत कार्य शुरू करने की मांग। पत्र में बताया गया है कि सिर्फ उनके गांव के किसानो की लगभग 150 एकड़ से अधिक फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।पत्र के अनुसार, पिछले तीन से चार दिनों से लगातार बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण शारदा नदी का पानी इस कदर बढ़ गया है कि इसका असर सीधे किसानों की आजीविका पर पड़ा है। बाढ़ ने धनिराम, रामचन्दन,रमेश,वाकेलाल बिनय काशीराम रामचन्द सहित कई किसानों के खेतों में खड़ी धान,गन्ना और अन्य फसलों को पूरी तरह से डुबो दिया है।किसानों के चेहरों पर निराशा साफ देखी जा सकती है। एक किसान ने बताया, “हमने दिन-रात मेहनत करके फसलें उगाई थीं, सोचा था कि इस साल अच्छी पैदावार होगी और हम अपने परिवार का पेट भर पाएंगे, लेकिन बाढ़ ने हमारे सारे सपनों पर पानी फेर दिया।ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है,मान्यवर, कृपया आप से अनुरोध है कि अविलंब बचाव व राहत कार्य प्रारंभ कराएं।इस प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों को भारी नुकसान हुआ है,और यदि जल्द ही कोई सहायता नहीं मिली तो उनकी स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।”स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी गुहार सुनी जाएगी और जल्द ही सरकारी टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकंलन करेगी और प्रभावितों को मुआवजा व अन्य राहत प्रदान करेगी।फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार की तरफ हैं कि वह कब तक इन पीड़ित किसानों की सुध लेती है।




