भाकपा माले–इंसाफ मंच की रिपोर्ट ने खोली बुलडोजर अभियान की परतें

भाकपा माले–इंसाफ मंच की रिपोर्ट ने खोली बुलडोजर अभियान की परतें
पीलीभीत।भाकपा माले और इंसाफ मंच ने आज संयुक्त रूप से प्रदेश में मुसलमानों की मस्जिदों, मजारों, ईदगाहों और मदरसों पर चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान पर केंद्रित अपनी जांच रिपोर्ट पुस्तिका के रूप में जारी की।जिला कार्यालय पीलीभीत में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड कृष्णा अधिकारी और इंसाफ मंच के प्रदेश संयोजक अफरोज आलम ने यह रिपोर्ट पेश की।20 पृष्ठों की इस रिपोर्ट में विशेष रूप से तराई अंचल—बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, पीलीभीत सहित कई जिलों में हुई कार्रवाइयों का उल्लेख है। नेताओं ने बताया कि योगी सरकार के इस तथाकथित बुलडोजर अभियान में प्रदेश भर में 500 से अधिक मदरसे बंद कर दिए गए और 60 से ज्यादा मस्जिदों, दरगाहों, ईदगाहों व मदरसों को तोड़ा गया है। इसमें पूरनपुर तहसील के शारदा पार स्थित शास्त्री नगर मस्जिद भी शामिल है।रिपोर्ट के अनुसार, पूरनपुर व कलीनगर तहसील के न्यूरिया मल्लपुर, भगवंतापुर, धरमंगलपुर आदि गांव की मस्जिदों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि गजरौला की एक मस्जिद में ताला जड़ दिया गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नफरत की राजनीति के तहत मुसलमानों को निशाना बना रही है और यह अभियान संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा के अधिकार व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।कामरेड कृष्णा अधिकारी और अफरोज आलम ने कहा कि भाजपा सरकार ने इजराइल में अल्पसंख्यकों पर दमन के औजार “बुलडोजर” को भारत में भी अल्पसंख्यकों, गरीबों, दलितों और आदिवासियों पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बिहार में एसआईआर के बहाने 65 लाख लोगों को वोट के अधिकार से वंचित किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा का लोकतंत्र और जनता पर विश्वास समाप्त हो चुका है।दोनों संगठनों ने घोषणा की कि इस सांप्रदायिक बुलडोजर अभियान और वोटबंदी जैसी नीतियों के खिलाफ 14 सितंबर को पूरनपुर में “संविधान बचाओ–देश बचाओ”जन कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें भाकपा माले के आरा से सांसद सुदामा प्रसाद शामिल होंगे।पत्रकार वार्ता में भाकपा माले जिला सचिव कामरेड देवासीष राय, जिला कमेटी सदस्य कामरेड सईद खान, शम्स विकास एडवोकेट, जावेद अख्तर (जिला प्रभारी, बरेली), गोपाल मिश्रा और मोहसिन रजा भी मौजूद रहे।




