बाढ़ से निपटने की तैयारियों पर गांधी सभागार में समीक्षा बैठक सम्पन्न
प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख बोले—प्रशासन पूरी तरह सतर्क, किसी भी स्थिति के लिए तैयार

बाढ़ से निपटने की तैयारियों पर गांधी सभागार में समीक्षा बैठक सम्पन्न
प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख बोले—प्रशासन पूरी तरह सतर्क, किसी भी स्थिति के लिए तैयार
पीलीभीत।जनपद में बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक आज गांधी सभागार में कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के राज्य मंत्री व जनपद प्रभारी मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बाढ़ नियंत्रण, राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) ने मुख्य नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति, पिछले वर्ष की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों और बाढ़ के कारणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दूनी, वनवसा और नानक सागर बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने तथा लगातार वर्षा से बाढ़ की स्थिति बनती है। फिलहाल नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और वर्षा भी सामान्य है।उन्होंने बताया कि जनपद में 7 कंट्रोल रूम, 32 बाढ़ चौकियां, 34 बाढ़ शरणालय, 67 नाविक, 90 गोताखोर, मेडिकल टीम, नाव, राहत सामग्री आदि की व्यवस्था कर ली गई है। सभी तहसीलों में मॉक ड्रिल सम्पन्न हो चुकी है और ग्राम स्तर पर राहत चौपाल आयोजित की जा रही है। एनडीआरएफ की टीम स्कूल-कॉलेज में जनजागरूकता अभियान चला रही है और ‘सचेत’ ऐप के माध्यम से अलर्ट भेजे जा रहे हैं।मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आवश्यक दवाएं, क्लोरीन की गोलियां, ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और दो मोबाइल मेडिकल वैन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने, चारे और पानी की व्यवस्था पूर्ण है। अधिशासी अभियंता सिंचाई ने कहा कि 13 में से 12 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि बाढ़ के दौरान तत्काल राहत हेतु 500 राहत किट तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त किट का वितरण किया जाएगा। मोबाइल नेटवर्क न होने वाले क्षेत्रों में वायरलेस सेट की व्यवस्था की गई है।प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि प्रशासन की तैयारियां संतोषजनक हैं, परंतु किसी भी स्थिति में दवाओं, भोजन, नाव, पशु चारे और सुरक्षित आश्रय की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी ड्यूटी स्थल पर मौजूद रहें, ग्राम प्रधानों के संपर्क में रहें और संबंधित क्षेत्र के विधायक को स्थिति से अवगत कराते रहें।बैठक में विधायक बरखेड़ा स्वामी प्रवक्तानंद, जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, मुख्य विकास अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




