आचार्यों ने गोमती उदगम तीर्थ पर किया श्रावणी उपाकर्म

आचार्यों ने गोमती उदगम तीर्थ पर किया श्रावणी उपाकर्म
पूरनपुर,पीलीभीत।देवनागरी उत्थान परिषद के तत्वावधान में गोमती उद्गम तीर्थ पर 11वां वार्षिक श्रावणी उपाकर्म कार्यक्रम प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुदेव पंडित राम अवतार शर्मा के संरक्षण एवं आचार्य अनिल शास्त्री के आचार्यत्व में हुआ। विशेष संयोजक कथा व्यास आचार्य विमल कृष्ण शास्त्री की उपस्थित रही।सर्व प्रथम गोमती उदगम तीर्थ पर पहुंच कर हेमाद्रि संकल्प किया। तीर्थ को प्रणाम करके आचार्यों द्वारा बताया गया कि श्रावणी पर्व द्विजत्व साधना को जीवंत प्रखर बनाने,द्विजत्व, ब्राह्मणत्व गुरु सत्ता के विशिष्ट अनुदानों के प्रमाणिक साधना का पर्व है।सर्वप्रथम दश विधानम स्नान जिसमें भस्म स्नान, मृतिका स्नान, गोमय स्नान, गो रज स्नान, धान्य स्नान, फल स्नान, सर्वोषधि स्नान, कुशोदक स्नान, स्वर्ण स्नान एवं स्नान उपरांत सूर्यअर्घ्य ऋषि पितर तर्पण का कार्य वैदिक विधान के साथ संपन्न हुआ। इसके पश्चात पंचांग देवताओं का पूजन सप्त ऋषिओ का पूजन एवं यज्ञोपवीत के प्रत्येक ग्रंथि का पूजन गायत्री जप होम एवं सूर्यापस्थान के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में वृन्दावन के गौरी गोपाल आश्रम के पंडित हर्ष देवाचार्य, पंडित निरंकार पांडे, पंडित उमा शंकर शुक्ला, पंडित राम प्रकाश पांडे, पंडित अनुपम पांडे, पंडित हर्ष शर्मा, पंडित रामकृष्ण शास्त्री, पंडित श्री निवास मिश्र, पंडित रामपाल पांडे, पंडित रमाकांत मिश्रा, पंडित आलोक अग्निहोत्री व पंडित हृदय मोहन मिश्रा सीतापुर, पंडित अखिलेश पांडे, पंडित गौरव शर्मा, पंडित सूरज पांडे आदि अनेकों द्विज उपस्थित रहे। आचार्यों के स्नान विधान को देखने काफी गोमती भक्त जुटे।




