मंडी सचिव की कार्यशैली किसान विरोधी ही नहीं, बल्कि व्यापारीपरस्त और भ्रष्टाचार से लिप्त है:भजन लाला क्रोधी,

मंडी सचिव की कार्यशैली किसान विरोधी ही नहीं, बल्कि व्यापारीपरस्त और भ्रष्टाचार से लिप्त है:भजन लाला क्रोधी,
पीलीभीत।बीसलपुर मंडी में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब मंडी सचिव नाजिम अली ने शांतिपूर्ण धरना देने आए किसानों को न केवल गंदगी में बैठने पर मजबूर किया बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। किसानों ने मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और गहरे भ्रष्टाचार को लेकर सचिव के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।धरना स्थल पर पहुंचे भाकियू (भानु) के जिलाध्यक्ष भजनलाल कोधी ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए मंडी सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंडी सचिव की कार्यशैली किसान विरोधी ही नहीं, बल्कि व्यापारीपरस्त और भ्रष्टाचार से लिप्त है। सचिव की मिलीभगत से किसानों की फसलें नमी का बहाना बनाकर रिजेक्ट कर दी जाती हैं ताकि व्यापारी औने-पौने दामों में खरीद सकें।
कोधी ने कहा, “यह मंडी किसानों की है, न कि बिचौलियों की दुकान। लेकिन यहां किसान को अपमान और गंदगी मिलती है, जबकि उद्योगपति आते ही कालीन बिछाई जाती है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडी सचिव व्यापारियों से सुविधा शुल्क लेकर उन्हें मनमानी करने देते हैं और किसानों की कोई सुनवाई नहीं होती।धरने के दौरान किसानों ने मांग की कि मंडी सचिव को तत्काल हटाया जाए, मंडी में स्थायी सफाई कर्मचारी नियुक्त हो, शौचालय, पेयजल, छाया और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। वहीं, मंडी के सभी जर्जर टीनशेड और नीलामी चबूतरे की मरम्मत भी कराई जाए।किसानों का गुस्सा इस कदर था कि सचिव को मौके पर ही जमकर खरी-खोटी सुनाई गई। भीड़ में मौजूद बुजुर्ग किसान से लेकर महिलाओं तक ने सचिव की कार्यप्रणाली को किसान विरोधी करार दिया।इस दौरान तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी




