जांच में क्लीनचिट मिलने पर दुर्गा कुमुद क्लीनिक के खुले ताले
चिकित्सक ने द्वेष भावना के तहत शिकायत का लगाया आरोप

जांच में क्लीनचिट मिलने पर दुर्गा कुमुद क्लीनिक के खुले ताले
चिकित्सक ने द्वेष भावना के तहत शिकायत का लगाया आरोप
पूरनपुर/पीलीभीत। चार दिन पहले बंद कराए गए अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर की डिग्री वैद्य होने पर दुर्गा कुमुद क्लीनिक के ताले खोल दिया गए है। डॉक्टर ने द्वेष भावना और राजनीतिक चलते उनकी शिकायतें करने का आरोप लगाया है।
15 जुलाई को नगर के बिजली घर रोड पर स्थित दुर्गा कुमुद क्लीनिक की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। एमओआइसी ने अस्पताल के दस्तावेज और मानक विहीन बताकर ताले लगवा दिए थे। कार्रवाई के दौरान चिकित्सक कमलेश मौजूद नहीं थे। शुक्रवार शाम जांच में अस्पताल को क्लीन चिट मिल गई इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने चाबी देकर तले खुलवा दिए। चिकित्सा कमलेश कुमार ने बताया मैं गरीबों की सेवा के तहत इलाज करता हूं। इसी को कुछ लोग पचा नहीं पा रहे हैं। द्वेष भावना व राजनीति के चलते उनकी झूठी शिकायतें कर परेशान किया जा रहे है।वहीं आस-पास रहने वाले लोगों का कहना है कि कोरोना काल से लेकर अब तक गरीब और जरूरतमंदों का कम पैसों, यहां तक कि निशुल्क भी उपचार किए जाने को लेकर कम समय में ही डॉक्टर कमलेश ने लोकप्रियता हासिल कर ली है, जो कि नगर के कुछ चिकित्सक आसानी से हजम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की आड़ में वह चिकित्सक उक्त क्लीनिक को बंद कराने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि तमाम क्लीनिक अवैध रूप से संचालित हैं। जिन पर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ रही है। जबकि उक्त क्लीनिक पर छापामारी करने के मामले में विभाग ने रिकॉर्ड बना लिया है। फिलहाल यह मामला चर्चा का केंद्र बिंदु बना हुआ है।




