अमावस्या पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या पर भक्तों की भारी भीड़,भक्ति भाव से किया स्नान व दर्शन

अमावस्या पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या पर भक्तों की भारी भीड़,भक्ति भाव से किया स्नान व दर्शन
(रणजीत सिंह)
हजारा,पीलीभीत।भारत एक ऐसा देश है जहां कई धर्म के लोग रहते हैं। इसलिए यहां अनगिनत गुरुद्वारे, मंदिर व मस्जिदें हैं। जो हमारी धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विविधता के गवाह हैं। इसी श्रृंखला में देश के प्रमुख व एतिहासिक गुरुद्वारों में से एक है पीलीभीत जनपद के ट्रांस शारदा क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा नानक साहिब खजूरिया सिद्धनगर। एतिहासिक होने के कारण यहां पर हर धर्म के आस्थावान श्रदालु पहुंच कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेक कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की अरदास कराते हैं। इतना ही नहीं यहां पर लोगों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। एतिहासिक होने के कारण यहां पर हर महीनें अमावस्या मेले का आयोजन किया जाता है।
इसी क्रम में इस गुरुद्वारा साहिब में वृहस्पतिवार को अमावस्या बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने गुरुद्वारा परिसर में बने पवित्र सरोवर में स्नान कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेक कर अपने परिवार की सुख शांति की कामना कर प्रसाद ग्रहण किया।अमावस्या को समर्पित मंगलवार से प्रारंभ किये गए श्री अखंडपाठ साहिब का समापन वृहस्पतिवार को मुख्य ग्रंथी बाबा विक्रम सिंह के द्वारा अरदास करने के पश्चात हुआ। वहीं इस अवसर पर मुख्य जत्थेदार बाबा दिलबाग सिंह की सरपरस्ती तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में धार्मिक दीवान का भी आयोजन किया गया था। धार्मिक दीवान की शुरुआत जत्थेदार बाबा हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में दीवान हाल में बैठी संगत के द्वारा लगभग आधे घंटे तक सतनाम श्री वाहे गुरु के मूलमंत्र का जाप किया गया था।इसके बाद धार्मिक दीवान में पहुंचे सिक्ख पंथ के कविसर जत्थे गुरमेज सिंह ढिल्लों विक्रम सिंह के साथ साथ कथावाचकों सतनाम सिंह व गुरबचन सिंह ने अपने अपने लहजे में सिक्ख इतिहास को सुनाकर वहां मौजूद संगत को निहाल किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था की गई थी। और यह गुरु का लंगर सारा दिन अटूट वरताया गया था। वहीं दूसरी ओर सेवादारों ने लंगर छकाने, प्रसाद वितरण करने तथा जोड़े जमा करने की सेवा की। तो वहीं खासकर महिला सेवादारों ने बड़ी श्रद्धा भावना के साथ बर्तन धोने की सेवा निभाई थी। इस दौरान मौके पर जत्थेदार बाबा दीपा सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह, मैनेजर निशान सिंह, मैनेजर सतनाम सिंह, स्टेज सेक्रेटरी सतनाम सिंह, जसपाल सिंह, पूर्व उप प्रधान निशान सिंह व दलबीर सिंह, गुरदीप सिंह, हरपिंदर सिंह, गुरमेज सिंह, रणजीत सिंह, मंगजीत सिंह समेत तमाम सेवादार मौजूद रहे।




