7 जांच टीमों ने जिलेभर में अचानक खाद बिक्री केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
सात लाइसेंस निलंबित,कई दुकानों पर पड़ा ताला

7 जांच टीमों ने जिलेभर में अचानक खाद बिक्री केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
सात लाइसेंस निलंबित,कई दुकानों पर पड़ा ताला
पीलीभीत।जनपद में खाद वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी पीलीभीत के आदेश पर सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा गठित 07 जांच टीमों ने जिलेभर में अचानक खाद बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कुल सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।जांच टीमों में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी,गन्ना अधिकारी, एआर को ऑपरेटिव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे।इस छापेमारी अभियान के दौरान बरखेड़ा क्षेत्र के भारती पेस्टीसाइड एंड फर्टिलाइजर द्वारा टैगिंग के जरिए अन्य उत्पाद बेचने की पुष्टि होने पर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया। इसी क्षेत्र के तीन अन्य प्रतिष्ठान ए.के. खाद भंडार दौलतपुर पट्टी, महेश एग्रो ट्रेडर्स पिपरिया मंडन, शिव शंकर खाद भंडार पिपरिया मंडन भी बंद मिले, जिनके लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए।पूरनपुर, बीसलपुर, बिलसंडा, ललौरीखेड़ा, अमरिया और मरौरी विकासखंड में कुल 60 से अधिक सहकारी समितियों एवं निजी खाद विक्रेताओं की जांच की गई, जिनमें अधिकांश स्थानों पर पीओएस मशीन से बिक्री और मूल्य दर में अनियमितता नहीं पाई गई।जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि जनपद में यूरिया, डीएपी, एनपीके जैसे उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। अब तक 50,000 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसमें से लगभग 29,000 टन की बिक्री हो चुकी है। जुलाई माह के लिए शेष उपलब्ध स्टॉक पर्याप्त है।जिलाधिकारी के निर्देश पर टैगिंग, ओवररेटिंग व अनियमित बिक्री की शिकायतों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि किसानों को बिना किसी अतिरिक्त उत्पाद के, निर्धारित दर पर खाद मिल सके। प्रशासन की इस पहल को कृषक समुदाय ने राहत की दिशामें एक सराहनीय कदम बताया है।




